चाणक्य नीति: ईश्वर प्राथना | The Voice TV

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चाणक्य नीति: ईश्वर प्राथना

Date : 08-May-2024

 

चाणक्य (विष्णुगुप्त) के लिए कौटिल्य का सम्बोधन इनके कूटनीति में प्रवीण होने के कारण प्रयोग किया है | यह एक तथ्य है कि चाणक्य की नीति राजा एवं प्रजा ,दोनों के लिए ही प्रयोग किए जाने के लिए थी | राजा के द्वारा निर्वाह  किए जानेवाला प्रजा के प्रति धर्म ही राज धर्म कहा गया है और प्रजा द्वारा राजा अथवा राष्ट्र के प्रति निर्वाह किया गया धर्म ही प्रजा-धर्म कहा गया | इस धर्म का उपदेश ही नीतिवचन के रूप में निर्विघ्न पूर्ण हो इसी आशय से प्रारंभ में मंगलवार के रूप में विष्णु  की आराधना से कार्यारम्भ किया गया है|   

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