वक्फ बोर्ड या मुस्लिम तुष्टीकरण : इस घटना ने फिर चिंता में डाला
Date : 11-May-2024
मध्यप्रदेश के भोपाल में वक्फ बोर्ड से जुड़ा एक मामला सामने आया है। कहने को यह राजधानी केंद्र है लेकिन यहां खुले तौर पर इस्लामवादियों ने बीच शहर में सरकारी एवं निजी सम्पत्ति पर जबरन कब्जा, नव बहार सब्जी मंडी की बिल्डिंग के पास कर लिया है और बोर्ड भी चस्पा कर दिया है। जिसमें कि यहां बने हिंदू अनाथालय की भूमि पर कब्जा करने की तैयारी की जा रही है। कुछ लोगों को प्रलोभन दिया जा रहा है और कुछ को डर दिखाया जा रहा है। पता चला है वक्फ के नाम पर वसूली भी चालू है।
वरिष्ठ अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ध्यान दिलाते हैं कि हिंदुओं, जैनियों, बौद्धों, सिखों और अन्य समुदायों के लिए वक्फ बोर्डों द्वारा जारी वक्फ की सूची में शामिल होने से उनकी संपत्तियों को बचाने के लिए कोई सुरक्षा नहीं है। यह सीधे तौर पर उनके साथ भेदभाव है, जोकि संविधान के अनुच्छेद 14-15 का उल्लंघन करता है। इसके अधिनियम एस 4, 5, 6, 7, 8, 9, 14 में दिए प्रावधान वक्फ संपत्तियों को ट्रस्ट, मठों, अखाड़ों, समितियों को समान दर्जा देने से वंचित करने के लिए विशेष दर्जा प्रदान करते हैं। साथ ही किसी भी संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में रजिस्टर्ड करने के लिए वक्फ बोर्डों को बेलगाम शक्तियां प्रदान करते हैं। ऐसे में कहना होगा कि अभी वक्फ के नाम पर देश भर में जो चल रहा है, वह उचित नहीं है। राज्य सरकारों को चाहिए कि वे इस प्रकार की जहां भी शिकायत मिलती है, उसे गंभीरता से ले और वक्फ को लेकर आम आदमी से जुड़ी हर शिकायत की गंभीर जांच कराए।
लेखक - डॉ. मयंक चतुर्वेदी