प्रेरक प्रसंग:- विनम्रता Date : 21-May-2024 स्व. लालबहादुर शास्त्री अपने नौकर-चाकरों के साथ बड़ी विनम्रता का बर्ताव रखते थे, किन्तु उनकी पत्नी ललितादेवी का नौकरों के साथ अधिक सम्बन्ध होने के कारण नौकरों द्वारा त्रुटियाँ किये जाने पर वे कभी-कभी नाराज हो जाती थीं | एक बार श्रीमती ललितादेवी एक नौकर द्वारा ठीक तरह से काम न करने के कारण नाराज हो गयीं और उसे फटकारने लगीं | शास्त्री जी ने देखा तो बोले, “ नौकरों के साथ विनम्रता से पेश आना चाहिए, डांट- डपट नहीं करनी चाहिए, तभी वे दिल लगाकर काम किया करेंगे |” इस पर ललितादेवी बिगड़ उठीं, बोलीं, नौकरों पर यदि अंकुश न रखें, तब तो वे मनमानी ही करने लगेंगे | उनकी गलतियाँ तो उन्हें बतानी ही चाहिए |” इस पर शास्त्री जी हँसते हुए बोले, “तुम्हें तो इस शेर का अनुकरण करना चाहिए – कुदरत को न पसंद है सख्ती बयान में | इसीवजह तो दी नहीं हड्डी जबान में ||