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छत्तीसगढ़ विशेष आलेख : विष्णु देव साय का गांव के सरपंच बनने से लेकर मुख्यमंत्री तक का सफ़र

Date : 17-Oct-2024
 विष्णु देव साय, जिन्हें हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) द्वारा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में चुना गया है, एक ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने अपने जीवन में संघर्षों और कड़ी मेहनत के माध्यम से राजनीति के सर्वोच्च पद तक का सफर तय किया है। उनका जीवन गांव के एक साधारण सरपंच से लेकर राज्य के मुख्यमंत्री बनने तक का प्रेरणादायक यात्रा है।
 

विष्णु देव साय का जन्म 1964 में छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के बगिया गांव में हुआ था। उनके पिता राम प्रसाद साय और माता श्रीमती जशमनी देवी थे। विष्णु देव साय का परिवार एक कृषि परिवार था, और उनके परिवार का राजनीति से भी गहरा संबंध था। विशेष रूप से, वे अपने चाचा नरहरी प्रसाद साय और केदार नाथ प्रसाद से प्रेरित थे, जो दोनों ही सम्मानित नेता थे। उनके परिवार में राजनीति की गहरी जड़ें थीं, जो उनके जीवन के प्रारंभिक वर्षों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थीं।

विष्णु देव साय की शिक्षा का प्रारंभ जशपुर से हुआ था। वे उच्चतर माध्यमिक तक ही शिक्षा प्राप्त कर पाए, क्योंकि जब वे चौथी कक्षा में थे, तब उनके पिता का आकस्मिक निधन हो गया। इसके बाद, विष्णु देव साय पर अपने परिवार का पालन-पोषण करने की जिम्मेदारी आ गई। उनकी माँ श्रीमती जशमनी देवी और उनके दो छोटे भाई ओम प्रकाश साय और विनोद साय की देखभाल करने के लिए उन्होंने खेती-बाड़ी शुरू की। इस तरह, उनकी शिक्षा में एक अंतराल आ गया, लेकिन उनकी जिम्मेदारी ने उन्हें जल्दी ही परिपक्व कर दिया।

राजनीतिक जीवन में प्रवेश करने से पहले, विष्णु देव साय की मुलाकात भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के प्रमुख नेता और तत्कालीन सांसद स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव से हुई। विष्णु देव साय ने उन्हें अपना राजनीतिक गुरु और मार्गदर्शक माना, और यही उनके राजनीतिक जीवन की दिशा तय करने में सहायक साबित हुआ। उन्होंने 1989 में राजनीति में कदम रखा, जब वे मध्य प्रदेश के बगिया ग्राम पंचायत के पंच के रूप में चुने गए। इसके बाद, 1990 में बगिया ग्राम पंचायत के सरपंच के रूप में उनके असाधारण नेतृत्व कौशल के कारण एक भी वोट के बिना चुनाव जीतने में सफलता प्राप्त की।

इसके बाद, उन्होंने टंका विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा सीट जीतकर विधायी राजनीति में कदम रखा। 1990 से 1998 तक, वे लगातार दो कार्यकालों के लिए विधायक के रूप में चुने गए, और इस प्रकार उनका राजनीतिक कद लगातार बढ़ता गया। 1999 में, विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा और रायगढ़ क्षेत्र से सांसद बने। 1999 से 2014 तक, उन्होंने लगातार चार कार्यकालों के लिए लोकसभा सदस्य के रूप में कार्य किया और इस दौरान उन्होंने देश की राजनीति में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उनके कार्यकाल के दौरान, विष्णु देव साय ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम किया, विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण विकास, बुनियादी ढांचे की आवश्यकता, और श्रमिक कल्याण पर जोर दिया। उन्होंने इस्पात, खान, श्रम और रोजगार मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में कार्य करते हुए, इन विभागों के कामकाज में सुधार लाने का प्रयास किया। 27 मई 2014 से 2019 तक, उन्होंने इस्पात मंत्रालय, खान मंत्रालय, श्रम मंत्रालय और रोजगार मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली, जिससे उनका प्रशासनिक अनुभव और प्रभाव बढ़ा।

विष्णु देव साय के लिए पार्टी संगठन में भी एक महत्वपूर्ण स्थान था। 2006 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। इस पद पर रहते हुए, उन्होंने पार्टी संगठन को मजबूत किया और राज्य में भाजपा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई कदम उठाए। इसके बाद, 2020 से 2022 तक उन्होंने फिर से इस पद को संभाला। 2 दिसंबर 2022 को उन्हें भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में नामित किया गया, और 8 जुलाई 2023 को उन्हें भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति के पूर्ण सदस्य के रूप में पदोन्नत किया गया।

विष्णु देव साय की राजनीति सिर्फ सत्तासीन होने तक सीमित नहीं रही। वे हमेशा से एक सामाजिक कार्यकर्ता रहे हैं, और खासकर आदिवासी शिक्षा और आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास पर उनका ध्यान केंद्रित रहा है। वे पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास करते रहे हैं। उनका यह सामाजिक कार्य और कल्याण की भावना उनके राजनीति में योगदान से भी कहीं अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है।

 

विष्णु देव साय की इस पूरी यात्रा से यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने अपने जीवन में कड़ी मेहनत, संघर्ष और समर्पण से हर मुश्किल को पार किया है। वे सिर्फ एक राजनीतिक नेता ही नहीं, बल्कि एक ऐसे नेता हैं जिन्होंने हमेशा जनता की भलाई के लिए काम किया है। उनके कार्यों से यह साबित होता है कि वे न केवल राज्य के मुख्यमंत्री बनने के योग्य हैं, बल्कि वे छत्तीसगढ़ की जनता के लिए एक सशक्त और समृद्ध भविष्य की ओर मार्गदर्शन करने की क्षमता रखते हैं।

राजनीति में उनके योगदान और पार्टी के प्रति उनके समर्पण के कारण, भाजपा ने उन्हें छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री नियुक्त किया है, और उनके नेतृत्व में राज्य में विकास और समृद्धि की नई दिशा की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। उनका जीवन प्रेरणा का स्रोत है और उनके द्वारा किए गए कार्य राज्य और देश के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे।

विष्णु देव साय का राजनीतिक जीवन न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों का प्रतीक है, बल्कि यह इस बात का भी प्रतीक है कि किस प्रकार एक साधारण किसान से एक मजबूत नेता बनने का सफर तय किया जा सकता है। उनकी कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और समाज के प्रति प्रतिबद्धता ने उन्हें इस उच्चतम पद तक पहुंचाया है।


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