श्रीराम मंदिर के लोकार्पण से पहले देश के पांच लाख गांवों में पहुंचेंगे संत : जीतेन्द्रानन्द सरस्वती | The Voice TV

Quote :

"आप जिस दिन बुरे विचारों के ऊपर अपने अच्छे विचारों को रख देंगे, उस दिन जिंदगी खुद-ब-खुद और बेहतरीन हो जाएगी।"

National

श्रीराम मंदिर के लोकार्पण से पहले देश के पांच लाख गांवों में पहुंचेंगे संत : जीतेन्द्रानन्द सरस्वती

Date : 02-Sep-2023

 लखनऊ, 02 सितम्बर । अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेन्द्रानन्द सरस्वती ने शनिवार को बताया कि अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के लोकार्पण से पहले देश के पांच लाख गांवों में साधु संत पहुंचेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि रामजन्मभूमि के बलिदानियों के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर में साधु संत मोक्ष यज्ञ करेंगे।

स्वामी जीतेन्द्रानन्द सरस्वती ने बताया कि रविवार को अखिल भारतीय संत समिति की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आहूत की गई है। बैठक में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष स्वामी रवींद्र पुरी भी उपस्थित रहेंगे। बैठक में ही गंगा महासभा की बैठक के सभी प्रस्ताव स्वीकृत किए जायेंगे।

उन्होंने बताया कि 2 से 5 नवम्बर के मध्य आयोजित संस्कृति संसद के प्रथम दिन देश के प्रत्येक भाग से आए हजारों संतों द्वारा काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में श्री राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के बलिदानियों के मुक्ति हेतु मोक्ष यज्ञ संपन्न होगा। देशभर से पधारे संतों द्वारा 2 नवम्बर 2023 को काशी विश्वनाथ मंदिर में महारुद्राभिषेक समेत अन्य याज्ञिक अनुष्ठान संपन्न करेंगे। सभी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के पश्चात 100-100 भक्त परिवारों के साथ रामलला का दर्शन करेंगे तथा अन्य संतों को भी प्रेरित करेंगे।

उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय संत समिति, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं श्रीकाशी विद्वत परिषद के सहयोग से संस्कृति संसद का आयोजन गंगा महासभा करती है। हर दो वर्ष के अंतराल पर आयोजित होने वाली यह पांचवी संस्कृति संसद है।

राष्ट्रीय टोली बैठक का उद्घाटन गंगा महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो. ओमप्रकाश सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेन्द्रानन्द सरस्वती, अखिल भारतीय संत समिति के संयुक्त महामंत्री स्वामी महामंडलेश्वर मनमोहन दास एवं अखिल भारतीय संत समिति, उत्तरप्रदेश अध्यक्ष स्वामी अभयानंद सरस्वती ने दीप प्रज्वलित कर किया।

गंगा महासभा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री एवं संस्कृति संसद के संयोजक गोविंद शर्मा ने कहा कि संस्कृति संसद के दूसरे दिन 3 नवंबर को धर्म विमर्श आयोजित होगा। इसमें देशभर के 127 सम्प्रदायों के 400 मंडलेश्वर एवं महामंडलेश्वरों समेत एक हजार संत धर्म विमर्श करेंगे। तीसरे दिन 4 नवंबर को मातृ विमर्श एवं चौथे दिन 5 नवंबर को युवा विमर्श होगा। इसके उपरांत राम मंदिर के लोकार्पण तक सभी संत देशभर में प्रवास कर जनजागरण करेंगे।

इस बैठक में गंगा महासभा के राष्ट्रीय मंत्री विनय तिवारी, प्रो. हरिशंकर कंसाना, नवीन तिवारी, बिहार झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धर्मचंद पौद्दार, उत्तर प्रदेश के संयुक्त महामंत्री अजय उपाध्याय, मध्य प्रदेश के प्रदेश मंत्री दयानिधि उपस्थित थे।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement