जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने शनिवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश आतंकवाद मुक्त क्षेत्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। पुलिस अब नशीली दवाओं की चुनौती का डटकर मुकाबला करेगी।
पुलिस लाइन्स सोपोर में डीजीपी ने कहा कि जम्मू और कश्मीर एक आतंक मुक्त क्षेत्र बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। आतंकवाद अब तक के सबसे निचले स्तर पर है और आतंकवादियों की संख्या भी बहुत कम है। हम बचे हुए आतंकवाद को खत्म करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अब नशीली दवाओं के खतरे की चुनौती को स्वीकार करेगी और जम्मू-कश्मीर से इनका दुरुपयोग और नार्काे-तस्करी को खत्म करना सुनिश्चित करेगी।
डीजीपी ने कहा कि सोपोर कभी आतंकवाद के गढ़ के रूप में जाना जाता था और आज यहां हर जगह व्यापार फल-फूल रहा है। सड़कों पर शांति कायम है और लोगों के चेहरों पर मुस्कान है। उनके साथ उत्तरी कश्मीर रेंज के डीआईजी विवेक गुप्ता भी मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद के बाद अब अगली चुनौती मादक पदार्थों की तस्करी है। उन्होंने कहा कि हम जम्मू-कश्मीर को नशा मुक्त स्थान बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बारामूला और त्राल में सिख समुदाय के सदस्यों के मृत पाए जाने पर डीजीपी ने कहा कि ऐसी घटनाएं सामान्य हैं। पुलिस ने दोनों घटनाओं का संज्ञान लिया है और चिंता की कोई बात नहीं है। एफआईआर दर्ज कर ली गई है, जांच जारी है। उन्होंने कहा कि बारामूला के सिख समुदाय के सदस्य की मौत का मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है।
पंचायत चुनाव की तैयारियों पर डीजीपी ने कहा कि सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं और जब भी चुनाव होंगे, पुलिस सुचारू मतदान सुनिश्चित करेगी।
