प्रधानमंत्री मोदी की जॉर्डन यात्रा से भारत–जॉर्डन साझेदारी को नई गति | The Voice TV

Quote :

"छोटा सा बदलाव ही जिंदगी की एक बड़ी कामयाबी का हिस्सा होता है"।

International

प्रधानमंत्री मोदी की जॉर्डन यात्रा से भारत–जॉर्डन साझेदारी को नई गति

Date : 16-Dec-2025

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया जॉर्डन यात्रा ने राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में भारत–जॉर्डन द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती प्रदान की है। वरिष्ठ अधिकारियों ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि यह यात्रा विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही, क्योंकि यह दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हुई और 37 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की जॉर्डन की पहली पूर्ण द्विपक्षीय यात्रा थी।

सचिव (दक्षिण) डॉ. नीना मल्होत्रा ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मोदी का औपचारिक स्वागत गार्ड ऑफ ऑनर के साथ किया गया और उन्होंने जॉर्डन के नेतृत्व के साथ व्यापक वार्ता की। उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत स्तर की बातचीत के बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक हुई, जिसमें द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।

आतंकवाद के मुद्दे पर चर्चा प्रमुख रही, जिसमें जॉर्डन ने भारत के रुख के प्रति मजबूत समर्थन व्यक्त किया। जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने भारत के साथ एकजुटता जताते हुए आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों को खारिज करने की बात दोहराई। प्रधानमंत्री मोदी ने कट्टरपंथ के खिलाफ प्रयासों में राजा अब्दुल्ला के नेतृत्व और उनकी “मध्यमपंथी आवाज” के रूप में भूमिका की सराहना की।

आर्थिक सहयोग की समीक्षा करते हुए दोनों पक्षों ने उर्वरकों, विशेषकर फॉस्फेटिक उर्वरकों के क्षेत्र में जॉर्डन की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर पांच अरब डॉलर तक ले जाने का प्रस्ताव रखा। भारत की बढ़ती उर्वरक जरूरतों को पूरा करने के लिए जॉर्डन में निवेश बढ़ाने पर भी बातचीत हुई। इसके अलावा नई और नवीकरणीय ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी, जल प्रबंधन और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर सहमति बनी।

यात्रा के दौरान नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और सांस्कृतिक आदान-प्रदान सहित कई क्षेत्रों में समझौता ज्ञापनों को अंतिम रूप दिया गया। पर्यटन और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए पेट्रा और एलोरा को जुड़वां शहर बनाने के समझौते पर भी हस्ताक्षर हुए। डिजिटल लेनदेन, जिसमें रुपे कार्ड का उपयोग शामिल है, पर आशय पत्र भी संपन्न हुआ।

क्षेत्रीय मुद्दों, विशेष रूप से गाजा की स्थिति पर भी चर्चा हुई। भारत ने शांति प्रयासों का स्वागत करते हुए फिलिस्तीन मुद्दे पर अपने दीर्घकालिक रुख को दोहराया। जॉर्डन की अकाबा प्रक्रिया जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए अधिकारियों ने बताया कि भारत बहुपक्षीय आतंकवाद-रोधी मंचों में सक्रिय भागीदारी कर रहा है।

जॉर्डन में भारत के राजदूत मनीष चौहान ने कहा कि परिवहन, रेलवे, बुनियादी ढांचे और जन-जन संपर्क के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं। शिक्षा, अनुसंधान सहयोग और छात्र आदान-प्रदान को भी बातचीत में विशेष महत्व दिया गया।

अधिकारियों के अनुसार, इस यात्रा ने भारत और जॉर्डन के बीच विश्वास और आपसी समझ को और मजबूत किया है तथा रक्षा प्रशिक्षण, सौर और जैव ईंधन जैसी नवीकरणीय ऊर्जा पहलों और पश्चिम एशिया के साथ गहन जुड़ाव के माध्यम से द्विपक्षीय साझेदारी को नई दिशा दी है।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload









Advertisement