इमरान खान की सेहत का जायजा लेंगे एमिकस क्यूरी सलमान सफदर, सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्त किया | The Voice TV

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इमरान खान की सेहत का जायजा लेंगे एमिकस क्यूरी सलमान सफदर, सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्त किया

Date : 10-Feb-2026

 इस्लामाबाद, 10 फरवरी । पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने मंगलवार को वरिष्ठ वकील सलमान सफदर को एमिकस क्यूरी (न्यायालय का मित्र) नियुक्त किया। उन्हें पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को कैसे माहौल में रखा गया है, उनका स्वास्थ्य कैसा है, का स्वतंत्र रूप से आकलन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश (सीजेपी) याह्या अफ़रीदी ने जेल अधिकारियों को एमिकस क्यूरी सफदर को पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सफदर के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए और उन्हें बिना इंतजार कराए इमरान खान से तुरंत मिलने दिया जाना चाहिए। सीजेपी ने कहा कि अगर कोई दिक्कत आती है तो उनका निजी स्टाफ इस कार्य में एमिकस क्यूरी की मदद करेगा।

सीजेपी अफरीदी और न्यायमूर्ति शाहिद बिलाल हसन की बेंच ने सफदर को अदियाला जेल जाने और पीटीआई संस्थापक के रहने के हालात, सुविधाओं और पूरे इलाज का लिखित आकलन जमा करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने आदेश दिया कि एमिकस क्यूरी को इमरान खान की जेल बैरक का निरीक्षण करने की इजाजत दी जाए ताकि काम पूरा हो सके। बेंच ने लिखित आकलन जमा करने की आखिरी तारीख बुधवार तय की और आगे की कार्रवाई अगले दिन तक के लिए टाल दी।

सुनवाई के दौरान सलमान सफदर ने अपने काम के दायरे पर सफाई मांगी और बताया कि पीटीआई संस्थापक की आंखों की शुरुआती जांच के बाद सेहत से जुड़ी कुछ चिंताएं सामने आई हैं। जवाब में सीजेपी ने निर्देश दिया कि रिपोर्ट चैंबर में जमा की जाए।

पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल मंसूर उस्मान अवान ने न्यायालय को बताया कि उच्चतम न्यायालय के 24 अगस्त, 2023 के आदेश के मुताबिक, चैंबर में एक कम्प्लायंस रिपोर्ट पहले ही जमा कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि इमरान खान उस समय अटक जेल में बंद थे और पांच अगस्त से 18 अगस्त, 2023 के बीच के मेडिकल रिकॉर्ड अटैच किए गए थे।

इस पर सीजेपी ने देखा कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई बाद का आदेश नहीं था जो दिखाता हो कि न्यायालय पहले की बात से खुश है। उन्होंने कहा कि इमरान खान को अदियाला जेल में ट्रांसफर करने के लिए उनकी हिरासत की शर्तों का नए सिरे से मूल्यांकन करने की जरूरत थी। सलमान सफदर पर भरोसा जताते हुए न्यायालय ने कहा कि इन हालात में एक नई रिपोर्ट सही थी।

इससे पहले, सीजेपी ने वरिष्ठ वकील लतीफ खोसा को बेंच को संबोधित करने से रोक दिया। बाद में खोसा फिर से अपने मुवक्किल से मिलने की इजाजत मांगने के लिए आसन के पास गए, लेकिन न्यायालय ने अनुरोध नहीं माना। इसके बजाय सलमान सफदर को अदियाला जेल जाने की इजाजत देने का आदेश दिया।

एक दिन पहले, उच्चतम न्यायालय की एक बेंच ने इमरान खान की कानूनी टीम की उस अर्जी को ठुकरा दिया था जिसमें जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री से तुरंत मिलने की मांग की गई थी। साथ ही पीटीआई से जुड़ी कई अपीलों को अलग-अलग बेंचों में बांट दिया था। हालांकि बेंच ने 13 मामलों पर सुनवाई की, जिसमें पंजाब सरकार की इमरान खान की जमानत को चुनौती देने वाली अपीलें और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को मिली जमानत के खिलाफ अपील शामिल थी।

बेंच ने खोसा की अर्जी पर सरकार को नोटिस जारी किया लेकिन तुरंत राहत देने से इनकार कर दिया। सीजेपी अफरीदी ने कहा कि विरोधी पक्ष को सुने बिना कोई आदेश पास नहीं किया जा सकता और कहा कि न्यायालय पहले अर्जी की यथास्थिति के बारे में आपत्तियों पर फसला करेगा।

इसके अलावा, उच्चतम न्यायालय ने साइफर केस में इमरान खान और पीटीआई के उपाध्यक्ष शाह महमूद कुरैशी को बरी किए जाने के खिलाफ अपील सुनने के लिए तीन सदस्यों की बेंच बनाने का भी निर्देश दिया।


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