ढाका (बांग्लादेश), 10 फरवरी । देश में 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनाव में हिस्सा लेने के लिए कामकाजी लोग अपने-अपने घरों को लौटने लगे हैं। वह बस मालिकों के मनमाना किराया वसूलने से परेशान हैं। यात्रियों के सब्र का बांध मंगलवार सुबह टूट गया। उन्होंने सुबह करीब आठ बजे आशुलिया के बाइपेल इलाके में नबीनगर-चंद्रा हाइवे जाम कर दिया। करीब दो घंटे तक लोग सड़क से हिले-डुले नहीं। इससे अफरा-तफरी मच गई।
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, यात्रियों ने कहा कि चुनाव से पहले सोमवार कई गारमेंट फैक्टरी वर्कर के लिए काम का आखिरी दिन था। इस कारण बड़ी संख्या में वह लोग अपने गांव लौटने के लिए बसों में सवार हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि बस कंडक्टर इसका फायदा उठाकर ज्यादा किराया वसूल रहे हैं। जमालपुर जा रहे मुखलेस ने कहा कि किराया तीन गुना से भी ज्यादा वसूला जा रहा है।
उन्होंने कहा, ''मैं जमालपुर अपने घर जाना चाहता हूं। पहले किराया 300 टका था। अब वे 1,000 टका मांग रहे हैं। अधिकारियों को किराया तय कराना चाहिए।'' राजशाही जा रहे अबुल कलाम सोहाग ने भी यही शिकायत दोहराई। उन्होंने कहा, '' चुनाव के लिए फैक्टरी की छुट्टियों के बाद वर्कर वोट देने के लिए घर लौट रहे हैं। बस वाले दोगुना किराया मांग रहे हैं। पहले किराया 500 टका था। अब वे 1,000 टका से ज्यादा मांग रहे हैं। '' उन्होंने कहा कि ऐसी ही स्थिति रही तो कई लोग वोट डालने के लिए घर नहीं जा पाएंगे।
सावर हाइवे थाना प्रभारी शेख शाहजहां ने कहा कि हाइवे पर यात्रियों का दबाव बढ़ गया है। इस वजह से कई लोग सड़क पर खड़े थे, जिससे जाम लग गया। " उल्लेखनीय है कि चुनाव की घोषणा होते ही दिसंबर में पुलिस महानिरीक्षक बहारुल आलम ने चेतावनी दी थी कि छोटी-छोटी बातों पर सड़कों और हाइवे को ब्लॉक करने का बढ़ता चलन तुरंत बंद होना चाहिए। अगर यह परिपाटी जारी रही तो 12 फरवरी को होने वाले राष्ट्रीय चुनाव की सुरक्षा व्यवस्था में रुकावट आएगी।
