कोलंबो, 10 फरवरी । श्रीलंका के बिजली कर्मचारियों के प्रमुख संगठन ने कहा कि पावर इंजीनियर सीलोन इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (सीईबी) को खत्म करने की सरकार की योजना के विरोध में हड़ताल करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। टेक्निकल इंजीनियर्स एंड सुपरिंटेंडेंट एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि एक बार छह नई सब्सिडियरी कंपनियों को बनाने वाला गजट जारी हो गया तो हड़ताल से देश के मेन पावर ग्रिड ठप हो सकते हैं।
डेली मिरर की रिपोर्ट के अनुसार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष नंदना उदयकुमारा ने संगठन गजट के तुरंत बाद पूरे द्वीप में हड़ताल शुरू करने के लिए तैयार है। यह अधिसूचना कथित तौर पर 27 फरवरी को जारी होने वाली है। उदयकुमारा ने कहा, "हमें इसकी परवाह नहीं है। अगर सरकार हमारी आठ मांगों को पूरा किए बिना ऐसा कदम उठाती है तो देश अंधेरे में डूब सकता है।"
एसोसिएशन ने इंजीनियर्स एसोसिएशन, टेक्निकल इंजीनियर्स एंड ऑफिसर्स एसोसिएशन और इंडस्ट्रियल टेक्नीशियन्स एसोसिएशन समेत 24 दूसरी बिजली ट्रेड यूनियनों के साथ चेतावनी दी है कि हड़ताल के दौरान कामकाज ठप कर दिया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर मेन ग्रिड बंद करने के लिए भी मजबूर होना पड़ सकता है।
संगठन ने कहा कि सरकार के रीस्ट्रक्चरिंग प्लान को कैबिनेट से मंजूरी मिलनी बाकी है। इसमें सीईबी को छह सब्सिडियरी कंपनियों में बांटने का प्रस्ताव है। यूनियनों का तर्क है कि इससे रोजगार सुरक्षा, लाभ और ऑपरेशनल पारदर्शिता खतरे में पड़ सकती है।
