काठमांडू, 09 फरवरी । नेपाल ने भारत के मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में सहभागी होकर पूरे विश्व को नेपाल भ्रमण में आने का निमंत्रण दिया है।
नेपाल पर्यटन बोर्ड ने मुंबई में आयोजित एशिया के प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पर्यटन व्यापार मेले ‘आउटबाउंड ट्रैवल मार्ट मुंबई 2026 (ओटीएम)’ में सहभागिता दर्ज की है।
बोर्ड के अनुसार, इस मेले के माध्यम से नेपाल के विविध पर्यटन उत्पादों का प्रभावी रूप से प्रचार-प्रसार किया गया। जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस मेले में भारत को नेपाल का प्रमुख स्रोत बाजार बताते हुए सुदृढ़ विपणन पर विशेष ध्यान दिया गया। नेपाल पवेलियन के माध्यम से इस वर्ष नेपाल ने 34 प्रतिष्ठित नेपाली पर्यटन कंपनियों की भागीदारी के साथ लक्जरी रिसॉर्ट, साहसिक पर्यटन, आध्यात्मिक गंतव्य, वेलनेस, माइस (एमआईसीई) तथा डेस्टिनेशन मैनेजमेंट सेवाओं से जुड़े पर्यटन उत्पाद भारतीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन व्यवसायियों के समक्ष प्रस्तुत किए।
ओटीएम मुंबई को भारत के सबसे बड़े आउटबाउंड ट्रैवल बाजार का प्रवेशद्वार माना जाता है। तीन दशकों से लगातार आयोजित हो रहे इस मेले ने एशियाई पर्यटन रुझानों को दिशा देने के साथ-साथ करोड़ों डॉलर के व्यावसायिक साझेदारी के अवसर प्रदान किए हैं। नेपाल पिछले 25 वर्ष से लगातार ओटीएम में भाग लेता आ रहा है और इस अवधि में नेपाल केवल तीर्थ एवं ट्रेकिंग गंतव्य से आगे बढ़कर बहुआयामी लक्ज़री, साहसिक और व्यावसायिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित हुआ है।
सांस्कृतिक मौलिकता, जीवंत प्रस्तुतियों और प्रभावशाली गंतव्य प्रचार के कारण नेपाल पवेलियन हमेशा भारतीय पर्यटन व्यवसायियों के आकर्षण का केंद्र बना रहा है। पूर्व में नेपाल पवेलियन ने उत्कृष्ट गंतव्य प्रदर्शनी और सांस्कृतिक प्रस्तुति के लिए कई पुरस्कार भी जीते हैं। पर्यटन बोर्ड के अनुसार, पिछले वर्ष सितंबर में हुए जेन जी आंदोलन के बाद नेपाल के पर्यटन क्षेत्र ने उल्लेखनीय लचीलापन और तेज़ पुनरुत्थान दिखाया है। सभी प्रमुख पर्यटन गंतव्य, ट्रेकिंग मार्ग, साहसिक गतिविधियां और सांस्कृतिक धरोहरें पूरी तरह संचालित हैं।
विशेष रूप से भारतीय पर्यटकों का आगमन फिर से तेजी से बढ़ा है। जनवरी 2026 में भारतीय पर्यटकों की संख्या पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत बढ़ी है। पर्यटन बोर्ड के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) दीपकराज जोशी ने कहा, “जेनजी आंदोलन से नुकसान जरूर हुआ, लेकिन हमने बहुत कम समय में पुनरुत्थान कर लिया है। नेपाल हमेशा की तरह विश्वभर के मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।"
उन्होंने कहा "ओटीएम मुंबई 2026 में 34 अग्रणी कंपनियों की सहभागिता भारत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है और नेपाल को एक सुरक्षित, स्थिर एवं विशिष्ट गंतव्य के रूप में स्थापित करती है।” नेपाल-भारत के बीच खुली सीमा, सड़क और हवाई संपर्क, स्थिर मुद्रा विनिमय व्यवस्था तथा डिजिटल भुगतान प्रणाली ने भारतीय पर्यटकों के लिए नेपाल यात्रा को और भी आसान बना दिया है। भारत से आने वाले पर्यटक नेपाल के कुल अंतरराष्ट्रीय आगमन का 40 से 50 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं।
साल 2025 में नेपाल ने हवाई मार्ग से आने वाले 2 लाख 93 हजार से अधिक भारतीय पर्यटकों का स्वागत किया था। इस वर्ष ओटीएम में नेपाल ने विशेष रूप से धार्मिक एवं तीर्थ पर्यटन, वीकेंड गेटवे, लक्ज़री और वेलनेस, साहसिक पर्यटन, माइस, विवाह और हनीमून गंतव्यों को भारतीय बाजार के लिए रणनीतिक प्राथमिकता के रूप में प्रस्तुत किया। पशुपतिनाथ, जनकपुर, मुक्तिनाथ, लुम्बिनी जैसे पवित्र स्थलों से लेकर पोखरा, चितवन और हिमालयी साहसिक गंतव्यों तक नेपाल के विविध पर्यटन अनुभवों को प्रभावी ढंग से ब्रांड किया गया।
मुंबई में आयोजित ओटीएम 2026 के माध्यम से नेपाल ने भारत की धरती से ही दुनियाभर के पर्यटकों को नेपाल घूमने का आमंत्रण दिया है। पर्यटन बोर्ड के अनुसार, आने वाले दिनों में भी नेपाल भारत को केंद्र में रखते हुए गुणवत्तापूर्ण, टिकाऊ और अनुभव-आधारित पर्यटन विकास पर विशेष जोर देता रहेगा।
