जम्मू, 22 नवंबर। शिवसेना ( यूबीटी) जम्मू-कश्मीर ईकाई ने श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अंतर्गत संचालित नव स्थापित एसएमवीडीजू मेडिकल कॉलेज समेत तमाम अन्य शिक्षा संस्थानों में स्थानीय हिंदू छात्रों को वरीयता देने , जम्मू-कश्मीर में हिन्दूओं के हितों की रक्षा के लिए अलपसंख्यक आयोग के गठन की मांग की है।
पार्टी प्रदेश अध्यक्ष मनीश साहनी के नेतृत्व में पार्टी नेताओं के एक दल ने आज उक्त मांगों को लेकर जम्मू जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
साहनी ने मीडिया से विशेष बातचीत पर कहा कि जम्मू और कश्मीर में हिंदू अल्पसंख्यक हैं लेकिन उन्हें अल्पसंख्यक का दर्जा नहीं है जिससे वे पिछले 75 सालों से अल्पसंख्यक लाभों से वंचित हैं। धारा 370 हटने के बाद भी अन्य राज्यों की तरह जम्मू-कश्मीर में अलपसंख्यक आयोग का गठन नहीं किया गया।
इसके साथ ही श्री माता वैष्णों देवी श्राईन बोर्ड द्वारा संचालित मैडिकल कालेज में हिन्दुओं को दरकिनार कर अन्य समुदाए के लोगों को प्रवेश हिन्दुओं के सम्मान व धार्मिक भावना को धक्का है। साहनी ने कहा कि हिन्दूओं के तथाकथित हितैषी, भाजपा के तमाम नेता चुप्पी साधे बैठे हैं। श्राईन बोर्ड भी कोई जवाब देने को तैयार नहीं है जिसे लेकर स्थानीय व देशभर के हिन्दूओ में आक्रोश उफान पर है। साहनी ने कहा कि श्राईन बोर्ड का वित्तपोषण मुख्यतः इस पवित्र तीर्थस्थल पर आने वाले लाखों हिंदू भक्तों के दान से होता है इसलिए इस संस्थान द्वारा संचालित संस्थानों पर पहला हक हिन्दुओं का है।
बल्कि श्राईन बोर्ड को आर्थिक रूप से कमजोर हिन्दूओं के लिए आरक्षण तक की सुविधा देनी चाहिए। साहनी ने सुझाव दिया कि श्राइन बोर्ड अपने धन का एक हिस्सा हिंदू छात्रों के लिए निःशुल्क छात्रों के लिए निःशुल्क नीट, जेईई, यूपीएससी कोचिंग और मार्गदर्शन कार्यक्रम शुरू करने के लिए आवंटित कर सकता है।
साहनी ने किसी सकारात्मक कार्यवाही नहीं होने पर तमाम हिन्दू संगठनों से एकजुटता के साथ सडकों पर उतरने का आवाहन किया है।
