मेदिनीपुर, 06 फ़रवरी । एगरा नगरपालिका के चेयरमैन स्वपन नायक की गिरफ्तारी के बाद से ही नगरपालिका में प्रशासनिक कामकाज लगभग ठप पड़ा हुआ है। इसी गतिरोध को दूर करने के उद्देश्य से अनुमंडल शासक (एसडीओ) कर्मबीर केशब द्वारा गुरुवार को बुलाई गई बोर्ड ऑफ काउंसिलर्स की विशेष बैठक को लेकर नगरपालिका परिसर में भारी विवाद खड़ा हो गया।
भाजपा ने अदालत के स्थगन आदेश के बावजूद जबरन बैठक चलाने का आरोप लगाते हुए विरोध दर्ज कराया। अंततः अदालत के निर्देश के बाद बैठक को स्थगित करना पड़ा।
चेयरमैन स्वपन नायक की कानूनी जटिलताओं में गिरफ्तारी के बाद नगरपालिका के विकासात्मक और प्रशासनिक कार्य पूरी तरह प्रभावित हैं। इन्हीं कार्यों को गति देने के लिए गुरुवार को एसडीओ की अध्यक्षता में विशेष बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया था। हालांकि, बैठक की वैधता पर सवाल उठाते हुए भाजपा नेतृत्व ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
भाजपा के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे अदालत से बैठक पर रोक लगाने का आदेश आया था। आरोप है कि इसके बावजूद एसडीओ ने अदालत के आदेश की अनदेखी करते हुए बैठक जारी रखी।
भाजपा का आरोप है कि स्थगन आदेश की प्रति पहुंचने के बाद भी बैठक बंद नहीं की गई। पार्टी का दावा है कि उनके पार्षदों को जबरन बैठक कक्ष में रोके रखा गया, बाहर निकलने नहीं दिया गया और उनके मोबाइल फोन भी जमा करा लिए गए। बैठक के दौरान ही नगरपालिका कार्यालय के सामने भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया।
बैठक में उपाध्यक्ष द्वारा पार्षद जयंत साउ को अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया। हालांकि, स्थिति बिगड़ने पर एसडीओ को अंततः बैठक रद्द करनी पड़ी। अदालत के निर्देशानुसार आगामी नौ मार्च तक नगरपालिका में इस संबंध में किसी भी प्रकार की चर्चा पर रोक रहेगी।
विवाद बढ़ने पर गुरुवार देर शाम शहर तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष एवं वार्ड संख्या 12 के पार्षद जयंत साउ ने कहा कि उन्हें अदालत के निर्देश की जानकारी नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि एसडीओ की उपस्थिति में नगरपालिका के विकास को लेकर चर्चा हुई है। वहीं, अदालत से जुड़े मामलों की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
इस पूरे घटनाक्रम पर अनुमंडल शासक की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।
