सुपौल, 11 फ़रवरी । बीएनएमयू मधेपुरा के कुलपति के प्रेस बयान पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे हास्यास्पद बताया है। परिषद के नेताओं ने सेमिनार के आयोजन और वक्ता चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कुलपति से जवाब मांगा है।
अभाविप के प्रांत सह मंत्री शिवजी कुमार ने कहा कि सेमिनार के आयोजन और वक्ता चयन से संबंधित कुलपति द्वारा कही गई बातें उचित प्रतीत नहीं होती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुलपति ने प्रेस के सामने पारदर्शी प्रक्रिया की बात कही, जबकि स्वयं स्वीकार किया कि वक्ता का चयन उनकी अनुमति के बिना किया गया। कुमार ने सवाल उठाया कि क्या विश्वविद्यालय में बिना कुलपति की अनुमति के ही वक्ता तय करने की प्रक्रिया निर्धारित है।
उन्होंने कहा कि यदि ऐसी ही प्रक्रिया है तो विद्यार्थी परिषद इसका पुरजोर विरोध करती है और कुलपति से माफी मांगने की अपेक्षा करती है। साथ ही पीएम उषा योजना के तहत आयोजित सभी सेमिनारों को स्थगित करने के निर्णय को उन्होंने कुलपति का तानाशाही रवैया बताया। अभाविप ने कहा कि एक वक्ता पर आपत्ति के कारण सभी सेमिनार स्थगित करना छात्र विरोधी कदम है, जिसे परिषद स्वीकार नहीं करेगी।
परिषद ने मांग की कि शीघ्र सभी सेमिनारों की नई तिथि घोषित की जाए। इस मौके पर रंजीत झा, राजेश कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
