बलरामपुर, 11 फ़रवरी । बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर पुलिस चौकी क्षेत्र स्थित एक स्कूल के प्राचार्य पर छात्रा से छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया था, जिसके बाद पुलिस इस संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया था। बावजूद इसके, केस दर्ज होने के छह दिन बाद भी आरोपित पुलिस गिरफ्त से बाहर है। पुलिस का कहना है जल्द आरोपित धर दबोच लिया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, प्रकरण दर्ज कर आरोपित की तलाश शुरू कर दी गई थी, लेकिन वह फरार है। पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। इधर, शिक्षा विभाग ने भी महिला अधिकारियों की जांच टीम गठित करने की जानकारी दी है, पर अब तक न तो विभागीय जांच पूरी हुई है और न ही आरोपित के खिलाफ निलंबन जैसी प्रारंभिक प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है।
विद्यालय को शिक्षा का मंदिर और शिक्षक को गुरु का दर्जा दिया जाता है। ऐसे में यदि विद्यालय प्रमुख पर ही छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार का आरोप लगे, तो यह न केवल संस्था की साख पर आघात है, बल्कि अभिभावकों के विश्वास को भी कमजोर करता है। कार्रवाई में देरी से यह संदेश जाता है कि संवेदनशील मामलों में भी त्वरित और कठोर कदम नहीं उठाए जा रहे।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिला सामाजिक व शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े जिलों में गिना जाता है। यहां महिलाओं की साक्षरता दर भी अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में यदि विद्यालयों की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं, तो इसका सीधा असर बेटियों की पढ़ाई पर पड़ सकता है। अभिभावकों का कहना है कि जब स्कूल में ही बच्चियां सुरक्षित नहीं होंगी, तो वे किस भरोसे उन्हें पढ़ने भेजें।
सूत्रों का यह भी दावा है कि संबंधित प्राचार्य के व्यवहार को लेकर पूर्व में मौखिक शिकायतें की गई थीं। यदि ऐसा है तो यह जांच का विषय है कि उन शिकायतों पर समय रहते संज्ञान क्यों नहीं लिया गया। स्थानीय लोगों और परिजनों ने शिक्षा विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विभाग की ओर से सख्त और तत्काल कार्रवाई नहीं होना कई शंकाओं को जन्म देता है।
जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने बताया कि मामले की जांच के लिए महिला अधिकारियों की टीम गठित की गई है। उनके अनुसार, निलंबन की प्रक्रिया के लिए कुछ विधिक औपचारिकताएं पूरी होना आवश्यक है, जिसमें पुलिस कार्रवाई और जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होती है। रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
वहीं वाड्रफनगर पुलिस चौकी प्रभारी डाकेश्वर सिंह ने कहा कि आरोपित अभी भी फरार है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
छह दिन बीत जाने के बाद भी आरोपित की गिरफ्तारी न होना और विभागीय कार्रवाई में देरी, पूरे मामले को और गंभीर बना रही है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस और शिक्षा विभाग कब तक ठोस और निर्णायक कदम उठाते हैं।
