नई दिल्ली, 11 मार्च । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की प्रतिवर्ष होने वाली तीन दिवसीय बैठक इस वर्ष 13 से 15 मार्च को हरियाणा के समालखा में आयोजित होने जा रही है। बैठक में शामिल होने के लिए संघ के सभी प्रमुख पदाधिकारी यहां पहुंच चुके हैं।
प्रतिनिधि सभा की बैठक से पूर्व संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने एक प्रेस वार्ता में इसके बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। इस दौरान उत्तर क्षेत्र के संघचालक पवन जिंदल उनके साथ मौजूद रहे।
सुनील आंबेकर ने बताया कि प्रतिनिधि सभा की बैठक शुक्रवार सुबह 9 बजे प्रारंभ होगी और रविवार शाम तक चलेगी। इस दौरान कई सत्र आयोजित किए जाएंगे। पहले सत्र में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले पिछले वर्ष के संघ कार्य से जुड़ा प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे और सभा की अनुमति लेंगे।
बैठक में संघ की सृष्टि के विविध संगठन जैसे मजदूर संघ, विश्व हिंदू परिषद, भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय सेविका समिति और अन्य मिलकर 32 विविध संगठनों के पदाधिकारी भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे।
प्रचार प्रमुख ने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान संघ शताब्दी वर्ष होने के नाते कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें गृह संपर्क और हिंदू सम्मेलन शामिल हैं। इस दौरान लगभग 10 करोड़ से ज्यादा घरों तक संपर्क किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान करीब 6 हजार शाखाएं बढ़ी हैं।
उन्होंने कहा कि एक फरवरी को संत रविदास की 650वीं जयंती थी। इसके उपलक्ष्य में वर्ष भर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा और समाज के साथ मिलकर इन्हें आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शताब्दी पर होने के नाते बड़े स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया है। इसके परिणाम स्वरूप इस वर्ष ‘जॉइन आरएसएस’ के माध्यम से से संघ से जुड़ने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। पिछले वर्ष जहां जनवरी-फरवरी के दौरान यह 16,192 अनुरोध प्राप्त हुए थे, वहीं इस वर्ष 26,445 अनुरोध प्राप्त हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष संघ की ओर से स्वयंसेवकों को शिक्षित करने के लिए 97 वर्ग आयोजित किये जा रहे हैं। इनमें से 73 वर्ग 40 वर्ष से कम आयु के स्वयंसेवकों के लिए हैं और 25 वर्ग 40 से 65 वर्ष की आयु के स्वयंसेवकों के लिए हैं।
बैठक की समाप्ति पर संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले बैठक से संबंधित विषयों पर प्रेस वार्ता को संबोधित करेंगे।
