राजा भोज और रानी कमलापति के सम्मान में डाक टिकट भारत के सांस्कृतिक गौरव का प्रतीकः सिंधिया | The Voice TV

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राजा भोज और रानी कमलापति के सम्मान में डाक टिकट भारत के सांस्कृतिक गौरव का प्रतीकः सिंधिया

Date : 26-May-2026

 भोपाल, 25 मई । केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने महान परमार शासक सम्राट राजा भोज और गोंडवाना साम्राज्य की वीरांगना महारानी कमलापति के सम्मान में स्मारक डाक टिकट जारी करने को भारत के सांस्कृतिक गौरव और मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर का प्रतीक बताया है।

केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि राजा भोज और रानी कमलापति हमारे भोपाल की गौरवशाली विरासत, संस्कृति और ऐतिहासिक अस्मिता के अभिन्न प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में “विकास भी, विरासत भी” के मंत्र के साथ देश अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को नया सम्मान दे रहा है। उनके नाम पर डाक टिकट जारी किया जाना केवल एक औपचारिक सम्मान नहीं, बल्कि हमारी ऐतिहासिक चेतना, सांस्कृतिक गौरव और आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त प्रयास है।

सिंधिया ने कहा कि स्मारक डाक टिकट केवल प्रतीकात्मक वस्तुएं नहीं हैं, बल्कि सामूहिक स्मृति को संरक्षित करने और पीढ़ियों से नागरिकों के बीच राष्ट्र की विरासत के प्रति जागरूकता फैलाने के शक्तिशाली साधन हैं। उन्होंने कहा कि राजा भोज और रानी कमलापति को समर्पित डाक टिकटों का विमोचन भारत के ऐतिहासिक व्यक्तित्वों और समाज में उनके अमिट योगदान के प्रति जन जागरूकता को मजबूत करने में सहायक होगा।

गौरतलब है कि भारत सरकार के संचार मंत्रालय ने सम्राट राजा भोज और वीरांगना महारानी कमलापति के सम्मान में स्मारक डाक टिकट जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने इन दोनों महान विभूतियों के नाम पर विशेष स्मारक डाक टिकट जारी करने का आग्रह किया था, ताकि उनके ऐतिहासिक योगदान और राष्ट्र निर्माण में निभाई गई भूमिका को स्थायी पहचान मिल सके।

राजा भोज भारतीय इतिहास के ऐसे शासक थे, जिन्होंने शिक्षा साहित्य , संस्कृति, स्थापत्य कला, जल प्रबंधन और सुशासन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए। भोपाल का बड़ा तालाब सहित कई ऐतिहासिक जल संरचनाएं उनकी दूरदर्शिता और जनकल्याणकारी सोच का प्रतीक हैं। वहीं, महारानी कमलापति ने भी साहस, नेतृत्व और जनसेवा का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और इतिहास के गौरवशाली अध्यायों से युवाओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सिंधिया ने पंत और डॉ. व्यास को पद्मश्री से सम्मानित होने पर दी बधाई

केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पद्म पुरस्कार 2026’ से सम्मान होने वाली मध्य प्रदेश की दोनों विभूतियों को बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि हमारे मध्य प्रदेश के गौरव कैलाश चंद्र पंत को साहित्य एवं शिक्षा तथा डॉ. नारायण व्यास को पुरातत्व के क्षेत्र में ‘पद्मश्री’ से सम्मानित होने पर हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं।

उन्होंने कहा कि आप दोनों ने अपने समर्पण, ज्ञान और अथक साधना से न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है। यह सम्मान आपकी जीवनपर्यंत तपस्या, भारतीय ज्ञान परंपरा और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को समर्पित है। मेरी सुभेक्षा है कि आपकी यह उपलब्धि नई पीढ़ी को सीखने, शोध करने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देती रहे।


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