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ट्विशा शर्मा मौत मामलाः रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के घर पहुंची सीबीआई, की पूछताछ

Date : 27-May-2026

 भोपाल, 26 मई। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले की जांच अपने हाथ में लेने के बाद सीबीआई की टीम मंगलवार को ट्विशा की सास सेवानिवृत्त जज गिरिबाला सिंह के घर पहुंची और उनसे पूछताछ की।

दिल्ली से आई टीम सीबीआई ने मामले की जांच तेज करते हुए मंगलवार को कई अहम लोगों के बयान दर्ज किए। दोपहर में सीबीआई टीम ने गिरिबाला सिंह के घर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। सीबीआई अधिकारियों ने रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह से शादी के बाद हुए विवाद, ट्विशा और उसके मायके पक्ष के साथ संबंधों और पूरे घटनाक्रम को लेकर पूछताछ कर उनका बयान लिया। इसके बाद टीम तीन ईएमई सेंटर पहुंची, जहां ट्विशा के परिजनों से मामले से जुड़ी जानकारी जुटाई गई। वहीं, सीबीआई की दूसरी टीम पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के कार्यालय पहुंची और उनसे मुलाकात कर केस की विस्तृत जानकारी मांगी।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने एसआईटी से मामले की केस डायरी भी तलब की। प्रारंभिक जांच में डायरी अधूरी पाए जाने पर सीबीआई ने उसे पूरा कर सौंपने के निर्देश दिए हैं। देर रात एसआईटी ने आवश्यक जानकारी जोड़कर पूरी केस डायरी सीबीआई को सौंप दी। मामले में सीबीआई की कार्रवाई के बाद जांच में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

गौरतलब है कि सीबीआई की टीम सोमवार की रात भोपाल पहुंची थी। केन्द्रीय जांच एजेंसी ने कटारा हिल्स थाने में पहले दर्ज एफआईआर को री-रजिस्टर कर ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस जांच में 20 लाख रुपये अतिरिक्त मांगने की बात सामने आई थी। इसी आधार पर सीबीआई ने दहेज मृत्यु का मामला दर्ज किया है।

इधर, ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने को लेकर मंगलवार को भोपाल के जिला न्यायालय में दायर अलग-अलग आवेदनों पर सुनवाई हुई। इस दौरान ट्विशा के परिवार की ओर से दायर सीडीआर सुरक्षित रखने की अर्जी पर एसआईटी ने अपना जवाब कोर्ट में पेश किया। न्यायमूर्ति आकांक्षा कुमार की अदालत में एसआईटी ने बताया कि 12 से 20 मई तक की पूरी सीडीआर सुरक्षित रखने के लिए संबंधित सिम कंपनियों को पत्र भेज दिए गए हैं। कंपनियों से जानकारी मिलते ही उसे केस डायरी का हिस्सा बनाकर अदालत में पेश किया जाएगा।

उधर, ट्विशा के जिस जिमनास्टिक बेल्ट से कथित तौर पर फांसी लगाने का दावा किया जा रहा है, वह बेल्ट दोनों बार पोस्टमॉर्टम करने वाली मेडिकल टीम को नहीं दिखाई जा सकी। इसे लेकर सवाल उठे तो डीसीपी विकास कुमार शहवाल ने कहा कि उस बेल्ट को पुलिस ने जब्त कर लिया था। पहले पोस्टमॉर्टम के बाद बेल्ट डॉक्टर को परीक्षण के लिए सौंपा गया था। परीक्षण के बाद एसआईटी ने इसे सुरक्षित रख लिया था। बेल्ट को सात दिन पहले सागर की फोरेंसिक लैब भेजा गया था। दिल्ली एम्स की मांग के बाद भोपाल पुलिस ने एफएसएल और साइबर सेल को इस बारे में पत्र लिखा है।

इसी बीच एसआईटी की ओर से पति और मुख्य आरोपी समर्थ सिंह से पूछताछ में नए खुलासे सामने आए। एसआईटी की टीम समर्थ सिंह के बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित घर पहुंची थी, जहां यहां समर्थ और गिरिबाला सिंह से करीब ढाई घंटे पूछताछ हुई। इस दौरान समर्थ ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि ट्विशा गर्भपात के बाद “तनाव” में थी। उसने यह दावा भी दोहराया कि शादी के दौरान उसने और उसके परिवार ने ट्विशा को 7 लाख रुपये दिए थे।

बता दें कि ट्विशा ने 12 मई की रात 10:20 बजे कथित रूप से फांसी लगाई थी। एम्स से 13 मई की सुबह 5 बजे मामला दर्ज कराया गया। ट्विशा के परिजन आरोप लगा रहे थे कि केस को प्रभावित करने की नीयत से गिरिबाला सिंह और उनके बेटे ने समय पर पुलिस को सूचना नहीं दी। समर्थ अस्पताल में ट्विशा की मौत की पुष्टि के बाद घर लौट आया था। ट्विशा के परिजन का आरोप था कि इस दौरान समर्थ ने साक्ष्यों को प्रभावित किया। परिजन ने आशंका जताई थी कि क्रिमिनल लॉयर होने के कारण उसने क्राइम सीन पर हेरफेर किया। इस बात की पुष्टि सीबीआई की एफआईआर में भी हुई है। पुलिस को सूचना देने में अतिरिक्त देरी की गई थी। अब सीबीआई इस बात की जांच करेगी कि पुलिस तक सूचना देरी से क्यों पहुंचाई गई। सीबीआई मामला नोट करने वाले डॉक्टर से भी पूछताछ करेगी।


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