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राजपुरी जलप्रपात- छत्तीसगढ़

Date : 24-Feb-2024

 छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में स्थित राजपुरी जलप्रपात प्रसिद्ध जलप्रपातों में से एक हैं काफी संख्या में लोग खूबसूरत नज़ारे का लुफ्त उठाने और पिकनिक मनाने जाते हैं। इस झरने के आसपास अच्छी सुविधा होने के कारण स्थानीय लोग और दूर दूर से पर्यटक घुमने आते हैं। आसपास हरे भरे जंगल और चचाहते चिड़ियों का झुंड और कल कल करता झरना का पानी मनमोहक दृश्य का निर्माण। अगर आप कभी जशपुर जाएँ तो इस राजपुरी जलप्रपात अवश्य जाएँ।

राजपुरी जलप्रपात जशपुर जिला मुख्यालय से 90 किलोमीटर दूर स्थित है। यह जलप्रपात पहाड़ों के बीच पर है और ऊँचाई से चट्टानों पर गिरते पानी बहुत ही सुन्दर दिखाई देते हैं। इस जलप्रपात की ऊँचाई लगभग 100 फीट, जलप्रपात के समीप ही शिव मंदिर हैं जहाँ पर्यटक और शिव भक्त शिव जी की पूजा अर्चना करते हैं। यह बारहमासी जलप्रपात है, गरमी के दिनों में इसकी ख़ूबसूरती बरकरार रहती है लेकिन रौद्र रूप बारिश के मौसम में देखने को मिलता है।

यह झरना पिकनिक स्पॉट है, हर तीज त्योहारों पर लोग पिकनिक मनाने पहुंचते हैं। यहाँ पर्यटकों के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है झरने के पास ही सामुदायिक भवन है, बैठने की भी सुविधा है साथ झरने का खूबसूरत दृश्य देखने के लिए वाच टावर का भी निर्माण किया गया है।

 

राजपुरी जलप्रपात कैसे जाएँ

राजपुरी जलप्रपात बगीचा विकासखंड मुख्यालय से 3 किलोमीटर की दूरी पर है और अंबिकापुर से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप अपने दो या चार पहिये वाहनों की मदद से आसानी से पहुंच सकते हैं।

  • निकटतम बस स्टैंड – बगीचा बस स्टैंड

  • निकटतम रेलवे स्टेशन – रांची रेलवे स्टेशन और अंबिकापुर रेलवे स्टेशन

  • निकटतम हवाई अड्डा – हवाई अड्डा रांची

 

राजपुरी झरने के पास घूमने की जगहें

  • दनगरी जलप्रपात – यह जशपुर में स्थित सबसे खूबसूरत वॉटरफॉल है जो घने जंगलों में है। अगर आप जशपुर जाते हैं तो इस प्राकृतिक स्थल को देखना न भूलें। इस जलप्रपात की ऊँचाई लगभग 100 फीट है और तीन भागों में गिरता है दूर से देखने में ऐसा लगता है मानो एक साथ कई झरने हों। यह स्थानीय लोगों के लिए पिकनिक मनाने के लिए सबसे अच्छा स्थल है यहाँ स्थानीय लोग अक्सर पिकनिक मनाने आते रहते हैं।

  • कैलाश गुफा –  जशपुर जिले के सभी पर्यटन स्थलों में से यह एक ऐसा पर्यटन स्थल हैं जहाँ काफ़ी ज्यादा संख्या में पहुंचते हैं। यहाँ हर वर्ष शिवरात्रि में भव्य मेला लगता है जिसमे दूर दूर से लोग शामिल होते हैं। स्थैनिया लोगों में मान्यत है की संत गहिरा गुरु ने यहीं तपस्या कर शंकर जी को प्रशन्न किया था।

  • कैथोलिक चर्च  कुनकुरी – यह चर्च ईसाई धर्मावलंबियों का आस्था का केंद्र हैं। कुनकुरी का कैथोलिक चर्च दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चर्च है। इसे रोजरी की महारानी के नाम से भी जाना जाता है। इस चर्च में एक साथ लगभग 10 हजार लोग एक साथ प्रार्थना कर स्क्कते हैं। इसे देखने के लिए लोग दूर दूर से आते हैं

 
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