आज भारत के यश-वैभव की विजय पताका दुनिया में फहरा रही है। योग व आयुर्वेद के क्षेत्र में पूरी दुनिया में भारत का डंका बज रहा है। अमृतकाल में भारत निरंतर आगे बढ़ रहा है। वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा के साथ विश्वसनीयता भी बढ़ी है। वहीं गौरवशाली विरासत और राष्ट्रीय स्वाभिमान की पुनः प्रतिष्ठा हो रही है। गुलामी के प्रतीक चिन्हों को मिटाकर आत्म सम्मान के साथ भारत खड़ा हो रहा है।
राम-जन्मभूमि स्थल पर मन्दिर निर्माण की शताब्दियों पुरानी हिन्दुओं की अभिलाषा पूर्ण हो रही है। अयोध्या में श्रीराम की जन्मभूमि पर भव्य दिव्य राम मंदिर तेजी से आकार ले रहा है। मकर संक्रान्ति के बाद रामलला गर्भगृह में विराजमान होंगे। लक्ष्य की ओर हम अविराम बढ़ रहे हैं। वर्षों बाद हमें हिन्दू होने का आत्मबोध हो रहा है।
इस्लामी आक्रान्ताओं ने हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए ही अयोध्या मथुरा और काशी के मंदिरों का विध्वंस किया था। इसके बाद निरन्तर राम जन्मभूमि के लिए संघर्ष चला। राम मंदिर के आन्दोलन में लाखों भक्त जेल गये, सहस्त्रों घायल हुए एवं बहुत बड़ी संख्या में रामभक्त बलिदान भी हुए। फिर भी मंदिर को प्राप्त करने की जिद हिन्दुओं ने नहीं छोड़ी। राम मंदिर के रूप में राष्ट्र मंदिर का निर्माण द्रुत गति से चल रहा है। जो सपना हमारे देश के महापुरुषों ने देखा था वह सपना मोदी के कार्यकाल में पूर्ण हो रहा है। मोदी सरकार के कार्यकाल में देशभर के धार्मिक व तीर्थस्थलों का कायाकल्प हुआ है।
मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में भव्य अद्यैत लोक विकसित हो रहा है। दुनिया में सनातन की ध्वजा पताका फहरा रही है। हिन्दू चेतना ही भारत की आत्मा है। अब वह पुनःजाग्रत हो रही है। मोदी के प्रयासों से पूरे विश्व में हिन्दू उत्थान की लहर दिखाई पड़ रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के प्रत्येक भाग और हर वर्ग को स्पृश किया है। यह कहना अतिश्योक्तिपूर्ण नहीं होगा कि ऐसा हिन्दू उत्थान भारत के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। हिन्दू जागरण की यह प्रबल लहर सम्पूर्ण भारत को आप्लावित कर रही है। ऐसा लग रहा है कि भारत के उत्थान और हिन्दुओं के पुनर्जागरण के लिए ही मोदी का आगमन हुआ है। जब-जब भारत सांस्कृतिक उत्थान के शिखर पर रहा है तब-तब उसकी गूंज विदेशों की धरती तक पहुंची है। वर्तमान में प्रधानमंत्री मोदी हिन्दुत्व की पताका को दुनिया में लहरा रहे हैं।
स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि नेता ऐसा हो जो पूरी तरह से समर्पित, स्वार्थ रहित और राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ काम करे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उसके उदाहरण हैं। मोदी के नेतृत्व में गौरवशाली, वैभवशाली और समर्थ भारत का निर्माण हो रहा है। मोदी सरकार ने प्रगति का नया इतिहास रचा है। जन कल्याण व गरीब कल्याण का नया अध्याय लिखा है। आज पूरा विश्व भारत की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहा है। जी- 20 सम्मेलन के बाद भारत विश्व की प्रमुख शक्ति बन कर उभरा है। नई दिल्ली स्थित भारत मण्डपम में संपन्न जी-20 सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक पृथ्वी,एक परिवार,एक भविष्य के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
जी- 20 शिखर सम्मेलन में भारत की अध्यक्षता ने इतिहास रचने का काम किया है। वसुधैव कुटुम्बकम को जी-20 के नारे के रूप में अपनाया गया। इससे भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के बारे में जागरूकता पैदा हुई है। अफ्रीकी संघ का जी-20 में शामिल होना भारत की ग्लोबल साउथ के प्रति प्रतिबद्धता और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि अफ्रीकी संघ एक महत्वपूर्ण भागीदार है। आप हमें एक साथ ला रहे हैं, हमें एक साथ रख रहे हैं, हमें याद दिला रहे हैं कि हमारे पास चुनौतियों से मिलकर निपटने की क्षमता है। मोदी का सबका साथ सबका विकास नारा वैश्विक नारा सिद्ध हुआ है। जी-20 की मेजबानी कर भारत ने दुनिया को हर क्षेत्र में अपनी सामर्थ्य दिखाई है। भारत विश्व को शांति का मार्ग दिखा सकता है यह अन्य देशों को विश्वास हो गया है।
भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को पूरी दुनिया देख रही है। पश्चिम के कई देशों की अर्थव्यवस्था चरमरा रही है वहीं भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रही है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार भारत 2025 में विश्व में चौथे स्थान पर 2027 में तीसरे स्थान पर आ जायेगा। मोदी के नेतृत्व में भारत रूस,ब्राजील,इटली,फ्रांस व इंग्लैंड को पीछे कर पांचवे स्थान पर पहुंच चुका है। वहीं वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद भी भारत बनता जा रहा है। रक्षा व अनुसंधान के क्षेत्र में भारत निरंतर आगे बढ़ रहा है। चन्द्रयान 3 की सफल लैंडिंग राष्ट्रीय गौरव को जागृत करने का एक प्रशंसनीय प्रयास है। सूर्य के अध्ययन के लिए भारत ने मिशन आदित्य एल-1 लांच किया है। भारत जो रक्षा आयातक के रूप में जाना जाता था आज रक्षाक्षेत्र में आत्मनिर्भर होने की ओर अग्रसर है। परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र भारत आत्मरक्षा करने में सक्षम है। जरूरत पड़ने पर जवाबी कार्रवाई करने से भी नहीं हिचकता है।
आज अंतरराष्ट्रीय जगत में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। भारत कूटनीतिक मोर्चे पर विश्व में ताकतवर कहे जाने वाले राष्ट्रों के साथ समानता का व्यवहार कर रहा है। जनसंख्या की दृष्टि से भारत प्रथम स्थान पर पहुंच ही गया है। आज भारतवंशी दुनिया के कई देशों में नेतृत्व कर रहे हैं। भारत के पुणे निवासी अजयपाल सिंह बंगा विश्व बैंक के वर्तमान अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। भारतीय प्रवासी अपनी मेधा से भारत की प्रतिष्ठा को बढ़ा रहे हैं। दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस भी भारतवंशी हैं। इंग्लैंड में ऋषि सुनक प्रधानमंत्री के तौर पर देश का नेतृत्व कर रहे हैं। पुर्तगाल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा, मारीशस के प्रधानमंत्री प्रबिंद जगन्नाथ, सिंगापुर की राष्ट्रपति हलीमा याकूब, सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी, गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली, सेशेल के राष्ट्रपति वावेल रामकलावन और पुर्तगाल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा का संबंध भारत से है। ऐसे ही कई देश हैं जहां कैबिनेट मंत्री भारतीय मूल के हैं। विदेशों की सरकार में 200 से अधिक भारतीय मूल के लोग मंत्री पद पर काबिज हैं।
इसके अलावा सिर्फ राजनीति में ही नहीं व्यापार, विज्ञान, मेडिकल व अन्य क्षेत्रों में भारतीयों का ही डंका बज रहा है। कई देशों में वहां के सार्वजनिक सेवा के ऊंचे पदों पर और बड़े-बड़े टेक कंपनियों के सीईओ भारतीय मूल के हैं। विश्व के अनेक देशों में रोजी-रोटी के लिए गये भारतीय वहां पर सनातन की ज्योति को जला रहे हैं। बाजारवाद के युग में हिन्दुत्व के विचार के साथ वसुधैव कुटुम्बकम की संकल्पना को साकार कर रहे हैं।(लेखक, बृजनन्दन राजू)
