यह (छत्तीसगढ़) भारत में इस्पात और विधुत शक्ति के उत्पादन के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र, जो भारत के उत्पादित कुल इस्पात का लगभग 15% उत्पादन करता है | छत्तीसगढ़ मुख्य रूप से अपने कृषि कार्यों हेतु प्रसिद्ध है, जो लगभग 80% कार्यबल के लिए जिम्मेदार है | चावल के उत्पादन के कारण इसे ‘धान का कटोरा’ के नाम से भी जाना जाता है | यह सीमावर्ती क्षेत्र सात राज्यों से घिरा हुआ है, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, झारखण्ड और उत्तर प्रदेश | 1 नवंबर, 2000 को मध्यप्रदेश (दक्षिण-पूर्व के हिस्से) 16 छत्तीसगढ़ी भाषी जिलों को अलग कर छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया गया था | तब से प्रति वर्ष 1 नवम्बर को छत्तीसगढ़ राज्य का स्थापना दिवस मनाया जाता है | यह 135,190 वर्ग किमी के क्षेत्रफल के साथ भारत का 10 वां सबसे बड़ा राज्य है |
जानें छत्तीसगढ़ का इतिहास
गोंड जनजाति के शासनकाल के दौरान लगभग 300 साल पहले इस राज्य का नाम छत्तीसगढ़ रखा ।
यह प्राचीनकाल के दक्षिण कोसल का एक हिस्सा है और पहले इसकी राजधानी सिरपुर थी | वहीं इसका इतिहास पौराणिक काल के दौरान की है | पौराणिक काल का 'कोशल' प्रदेश, कालान्तर में 'उत्तर कोशल' और 'दक्षिण कोशल' नाम से दो भागों में बंटा था | दरअसल, पहले जो 'दक्षिण कोशल' था वो वर्तमान में छत्तीसगढ़ कहलाता है|
वहीं दक्षिण-कौसल के नाम से प्रसिद्ध इस प्रदेश में प्राचीन काल में मौर्या, सातवाहन, वकाटक, गुप्त, राजर्षितुल्य कुल, शरभपुरीय वंश, सोमवंशी, नल वंशी, कलचुरी का शासन था | साथ ही क्षेत्रीय राजवंश का भी शासन था | इन क्षेत्रीय राजवंशों बस्तर के नल और नाग वंश, कांकेर के सोमवंशी और कवर्धा के फणि-नाग वंश मुख्य थे|
राज्य के उदय के समय बने थे 16 जिले
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत 1 नवंबर, 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना हुई | छत्तीसगढ़ देश का 26 वां राज्य बना | छत्तीसगढ़ का निर्माण मध्यप्रदेश के तीन संभाग रायपुर, बिलासपुर और बस्तर के 16 जिलों, 96 तहसीलों और 146 विकासखंडों से किया गया | वहीं प्रदेश की राजधानी रायपुर को बनाया गया था और बिलासपुर में उच्च न्यायालय की स्थापना की गई थी |
छत्तीसगढ़ के जिले
इस राज्य की स्थापना के समय इसमें 16 जिले थे जो वर्तमान समय में बढ़कर 33 हो गए हैं | ये सभी 33 जनपद 5 संभागों के अंतर्गत शामिल किये गए हैं | दरअसल, गठन के बाद 1 मई, 2007 को 2 नए जिलों का गठन किया गया | इसके लगभग 5 साल बाद 1 जनवरी, 2012 को इस राज्य में फिर से 9 जिले बनाये गए | जिसके बाद इनकी संख्या 27 हो गयी | इसके बाद सितंबर 2022 में 5 नए जिलों का गठन किया गया जिसके बाद इनकी कुल संख्या 33 पहुंच गयी |
पोला से तीजा महोत्सव तक मनाये जाते हैं ये त्योहार
छत्तीसगढ़ में त्योहार को तिहार कहा जाता है | यहां अलग-अलग जनजातियों के द्वारा अलग-अलग त्योहार मनाया जाता है| जिसमें बस्तर दशहरा, बस्तर लोकोत्सव, राजिम कुंभ मेला, कोरिया मेला, फागुन वडाई, मडई महोत्सव, गोंचा महोत्सव, तीजा महोत्सव, पोला महोत्सव और अन्य त्योहार शामिल हैं |
2023 के थीम
आज छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना को 23 साल पूरे हो जाएंगे । इस अवसर पर प्रतिवर्ष 3-5 दिवसीय उत्सव आयोजित किये जाते हैं, लेकिन इस वर्ष आगामी चुनाव वातावरण के कारण उत्सव नहीं मनाया जा रहा हैं |
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने बधाई संदेश में लिखा, यहां के लोगों की जीवंतता इसे एक विशेष राज्य बनाती है । इस राज्य की संस्कृति को समृद्ध बनाने में हमारे आदिवासी समुदायों का बहुत ही अहम योगदान है। प्रदेश की गौरवशाली परंपरा और सांस्कृतिक विरासत हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है । मैं प्राकृतिक और सांस्कृतिक वैभव से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं ।
