प्रेरक प्रसंग अध्याय 6:दयालुता | The Voice TV

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"जिन्दगी के लक्ष्य में प्राप्ती करते समय सिर्फ 2 सोच रखनी चाहिए, अगर रास्ता मिल गया तो ठीक, नहीं तो रास्ता में खुद बना लूँगा।"

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प्रेरक प्रसंग अध्याय 6:दयालुता

Date : 07-Nov-2023

अमेरिका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन अपने एक मित्र के साथ सभा में जा रहे थे कि रास्ते में उन्हें एक गढ्डे में एक सूअर का बच्चा कीचड़ में फँसकर तड़पता हुआ दिखाई दिया | वे तुरन्त बग्घी से उतरे और उस गढ्डे में उतरकर उन्होंने उस बच्चे को बाहर निकाला | सभा आरंभ होने को कम समय था और उनके कपड़े गंदे हो गये थे | वापस न जाकर उन्होंने हाथ –पैर धोये और सभा में पहुँचे | हर व्यक्ति उनके गंदे कपड़े देखकर उस मित्र से कारण पूछता और सारी घटना जानकर  लिंकन के प्रति उसके  दिल में आदर का भाव और बढ़ जाता |

उनका परिचय कराते हुए सभा के आयोजक ने कहा, ‘’हमारे राष्ट्रपति कितने दयालु हैं | एक सूअर के पिल्ले को गढ्डे में तड़पते देखकर उन्होंने अपने कपड़ों की परवाह किये बिना उसे तुरन्त बाहर निकाल लिया |

वह वक्ता और आगे बोल ही रहा था कि लिंकन उठ खड़े हुए और बोले,’’आप लोगों को कुछ गलतफहमी हुई है | वह पिल्ला तड़प रहा था इसलिए नहीं, वरन उसे तड़पते देखकर मेरा स्वयं का अंतःकरन तड़पने लगा था; अतः उसके लिए नहीं बल्कि अपने लिए गढ्डे में गया और उसे बाहर निकाल लिया | 


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