नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने मस्कट उड़ान सूचना क्षेत्र (FIR) और आसपास के क्षेत्रों को प्रभावित कर रही हालिया ज्वालामुखीय राख गतिविधि के मद्देनज़र सभी भारतीय एयरलाइन ऑपरेटरों को सुरक्षा सलाह जारी की है। DGCA के अनुसार, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और टूलूज़ स्थित ज्वालामुखीय राख परामर्श केंद्र ने स्थिति को खतरनाक बताते हुए ASHTAM और संबंधित ज्वालामुखीय राख परामर्श जारी किए हैं। ASHTAM एक विशेष सूचना संदेश होता है, जिसे तब जारी किया जाता है जब ज्वालामुखी विस्फोट या राख का बादल विमान संचालन के लिए जोखिम पैदा करता है।
अधिकारियों ने एयरलाइन ऑपरेटरों को निर्देश दिया है कि वे ज्वालामुखीय राख से जुड़े परिचालन नियमों और प्रक्रियाओं की समीक्षा करें और सभी संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक जानकारी प्रदान करें।
DGCA ने पायलटों, डिस्पैचरों और केबिन क्रू को राख प्रभावित क्षेत्रों से पूरी तरह बचने, तथा नवीनतम सलाह के आधार पर फ्लाइट प्लान, मार्ग और ईंधन प्रबंधन में जरूरी बदलाव करने को कहा है। साथ ही, सभी ऑपरेटरों को अपनी आंतरिक सुरक्षा जोखिम प्रबंधन प्रणालियाँ सक्रिय करने और इंजन प्रदर्शन में संभावित उतार-चढ़ाव की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
यदि ज्वालामुखीय राख हवाईअड्डा संचालन को प्रभावित करती है, तो एयरलाइन ऑपरेटरों को तुरंत रनवे, टैक्सीवे और एप्रन का निरीक्षण करना होगा। DGCA ने यह भी कहा है कि सभी ऑपरेटर ज्वालामुखीय राख से जुड़े हालात की निरंतर निगरानी करें और उपग्रह चित्रों तथा मौसम संबंधी आंकड़ों के माध्यम से नियमित रूप से अपडेट प्राप्त करते रहें।
