अंबिकापुर, 15 दिसंबर । उत्तर छत्तीसगढ़ में सक्रिय शीतलहरों ने सरगुजा संभाग में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान में तेज गिरावट और वातावरण में बढ़ी नमी के कारण सुबह के समय घना कोहरा छा गया, जिससे आम लोगों के साथ-साथ यातायात व्यवस्था पर भी व्यापक असर पड़ा।
सरगुजा संभाग के मैदानी क्षेत्रों से लेकर ऊंचे पाट इलाकों तक ठंड का असर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। सोमवार तड़के कई स्थानों पर घना कोहरा फैल गया, जिससे सड़कों पर चलना जोखिम भरा हो गया। दृश्यता बेहद कम होने के कारण वाहन चालकों को धीमी गति से सफर करना पड़ा और कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा।
ठंड के बढ़ते प्रभाव के चलते पाट क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। अंबिकापुर में बीते 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान 6 डिग्री और अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सर्द हवाओं की वजह से शाम ढलते ही बाजारों और सड़कों पर चहल-पहल कम होती नजर आई।
रविवार रात से ही वातावरण में नमी बढ़ने लगी थी, जिसके चलते सोमवार सुबह तक कोहरे की चादर मैदानी इलाकों में बनी रही। सुबह करीब साढ़े आठ बजे के बाद धूप निकलने के साथ कोहरे का असर धीरे-धीरे कम हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों में भी ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले एक सप्ताह तक शीतलहरों का प्रभाव बना रह सकता है और न्यूनतम तापमान और नीचे जा सकता है। मौसम वैज्ञानिक एएम भट्ट के मुताबिक नमी के कारण कोहरा लगातार बन रहा है और आगामी दिनों में भी सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिल सकता है।
सरगुजा संभाग के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दिन के समय भी सर्द हवाओं से ठिठुरन बनी हुई है। बढ़ती ठंड को देखते हुए नगर निगम की ओर से शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है। ठंड के असर से लोग शाम होते ही घरों में सिमटने लगे हैं, जिससे शहर की रौनक भी फीकी पड़ती दिख रही है।
