इतिहास के पन्नों में 23 दिसंबर : किसान दिवस विशेष - चौधरी चरण सिंह का राष्ट्र के लिए समर्पित जीवन | The Voice TV

Quote :

“स्वयं जैसे हो वैसे ही रहो; बाकी सब तो पहले से ही कोई और बन चुके हैं।” ― ऑस्कर वाइल्ड

National

इतिहास के पन्नों में 23 दिसंबर : किसान दिवस विशेष - चौधरी चरण सिंह का राष्ट्र के लिए समर्पित जीवन

Date : 22-Dec-2025

1902 में उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद में जन्मे चौधरी चरण सिंह भारतीय राजनीति में किसानों की सशक्त आवाज के रूप में पहचाने जाते हैं। वे देश के पांचवें प्रधानमंत्री रहे और अपना संपूर्ण राजनीतिक जीवन ग्रामीण भारत, कृषि सुधार और किसान कल्याण को समर्पित किया। उनके विचारों और नीतियों का केंद्र बिंदु हमेशा अन्नदाता रहा।

चौधरी चरण सिंह का मानना था कि जब तक किसान मजबूत नहीं होगा, तब तक देश की अर्थव्यवस्था भी सशक्त नहीं बन सकती। उन्होंने जमींदारी उन्मूलन, भूमि सुधार और किसानों को उनका अधिकार दिलाने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए। उत्तर प्रदेश में भूमि सुधार कानूनों को लागू कराने में उनकी भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।

प्रधानमंत्री रहते हुए भी उन्होंने शहरीकरण के अंधाधुंध मॉडल के बजाय कृषि आधारित अर्थव्यवस्था पर ज़ोर दिया। वे किसानों को केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की नींव मानते थे। उनकी सादगी, स्पष्टवादिता और सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान दिलाती है।

किसानों के हितों में दिए गए उनके अतुलनीय योगदान को सम्मान देने के लिए 23 दिसंबर, उनके जन्मदिवस को देशभर में ‘किसान दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। यह दिन न केवल चौधरी चरण सिंह को स्मरण करने का अवसर है, बल्कि भारतीय किसान के संघर्ष, योगदान और अधिकारों को सम्मान देने का प्रतीक भी है।

महत्वपूर्ण घटनाचक्र

1465 - विजयनगर के शासक वीरूपक्ष द्वितीय तेलीकोटा की लडाई में अहमदनगर, बीदर, बीजापुर और गोलकुंडा की संयुक्त मुस्लिम सेना से पराजित हुए।

1672 - खगोलविद जियोवनी कैसिनी ने शनि के उपग्रह ‘रिया’ की खोज की।

1894 - रवीन्द्रनाथ टैगोर ने पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन में पूस मेले का उद्घाटन किया।

1901 - शांतिनिकेतन में ब्रह्मचर्य आश्रम को औपचारिक रूप से खोला गया।

1902 - चौधरी चरण सिंह, भारत के सातवें प्रधानमंत्री।

1912 - नई दिल्ली को देश की राजधानी घोषित करने के वास्ते वायसराय लार्ड हार्डिंग द्वितीय ने हाथी पर बैठकर शहर में प्रवेश किया लेकिन इस दौरान एक बम विस्फोट में वह घायल हो गए।

1914 - प्रथम विश्व युद्ध: ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की सेना मिस्र की राजधानी काहिरा पहुंची।

1921 - विश्व-भारती विश्वविद्यालय का उद्घाटन हुआ।

1922 - बीबीसी रेडियो ने दैनिक समाचार प्रसारण शुरू किया।

1926 - आर्य समाज प्रचारक एवं विद्वान् स्वामी श्रद्धानंद की हत्या।

1968 - मौसम संबंधी देश के पहले रॉकेट ‘मेनका’ का सफल प्रक्षेपण।

1972 : निकारागुआ की राजधानी मनागुआ में भूकंप ने लगभग दस हज़ार लोगों की मौत।

1976 - सर शिवसागर रामगुलाम द्वारा मॉरिशस में मिली जुली सरकार का गठन।

1969 - चांद पर से लाए गए पत्थरों को राजधानी में आयोजित एक प्रदर्शनी में रखा गया।

1995 - हरियाणा के मंडी डाबवाली इलाके में स्थित एक स्कूल में कार्यक्रम के दौरान आग लगने से 360 लोगों की मौत।

2000 - न्यूजीलैंड ने आस्ट्रेलिया को हराकर विश्व महिला क्रिकेट ख़िताब जीता।

2000 - पश्चिम बंगाल की राजधानी कलकत्ता का नाम आधिकारिक तौर बदलकर कोलकाता किया गया।

2002 - इजराइली सेना के हटने तक फिलिस्तीन का चुनाव स्थगित।

2003 - इजराइल ने गाजा पट्टी पर हमला किया।

2005 - वामपंथी विरोधी लेक काकजिंस्की ने पौलैंड के राष्ट्रपति का पद भार ग्रहण किया।

2007 - पाकिस्तान में लगे आपातकाल को वहाँ की अदालत ने सही ठहराया।

2008- सॉफ्टवेयर कम्पनी सत्यम पर विश्व बैंक ने प्रतिबंध लगाया।

2008 - विख्यात कथाकार गोविन्द मिश्र को उनके उपन्यास कोहरे के क़ैद रंग के लिए हिन्दी भाषा के साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया।

2019 : दिल्ली के किराड़ी में तीन मंजिला मकान में आग लगने से नौ लोगों की मौत।

2019 : सऊदी अरब के पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के मामले में पांच लोगों को मौत की सज़ा सुनाई गई।

जन्म

1845 - रास बिहारी घोष - भारतीय राजनीतिज्ञ, जानेमाने अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता थे।

1865 - स्वामी सारदानन्द - रामकृष्ण परमहंस के शिष्यों में से एक थे।

1888 - सत्येन्द्र चंद्र मित्रा - कुशल राजनीतिज्ञ एवं स्वतंत्रता सेनानी थे।

1899 - रामवृक्ष बेनीपुरी - भारत के प्रसिद्ध उपन्यासकार, कहानीकार, निबंधकार, नाटककार, क्रान्तिकारी, पत्रकार और संपादक।

1889 - मेहरचंद महाजन - भारत के सर्वोच्च न्यायालय के तीसरे मुख्य न्यायाधीश थे।

1902 - चौधरी चरण सिंह - भारत के पांचवें प्रधानमंत्री, जो किसानों की आवाज बुलन्द करने वाले प्रखर नेता माने जाते थे।

1923 - अवतार सिंह रिखी - लोक सभा के भूतपूर्व महासचिव थे।

1942 - अरुण बाली - प्रसिद्ध टेलीविजन और फिल्म अभिनेता थे।

1959 - शिव कुमार सुब्रमण्यम - दिग्गज भारतीय अभिनेता और पुरस्कार विजेता लेखक थे।

निधन

1926 - स्वामी श्रद्धानन्द - भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक, दलितों के हितैषी तथा स्त्री शिक्षा के समर्थक।

1941 - अर्जुन लाल सेठी - भारत के स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे।

2000 - नूरजहाँ - प्रसिद्ध अभिनेत्री और गायिका, जिन्होंने भारतीय और पाकिस्तानी सिनेमा में कार्य किया।

2004 - पामुलापति वेंकट नरसिंह राव - भारत के दसवें प्रधानमंत्री

2010 - के. करुणाकरन - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिज्ञ और केरल के भूतपूर्व मुख्यमंत्री थे।

2024 - श्याम बेनेगल - भारत में हिन्दी सिनेमा के एक अग्रणी फ़िल्म निर्देशक थे।

महत्वपूर्ण दिवस

-किसान दिवस ( चौ.चरण सिंह की जयंती)।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement