घृणास्पद भाषण विधेयक का विरोध वही करते हैं जो नफरत फैलाते हैं: सिद्धारमैया | The Voice TV

Quote :

“स्वयं जैसे हो वैसे ही रहो; बाकी सब तो पहले से ही कोई और बन चुके हैं।” ― ऑस्कर वाइल्ड

National

घृणास्पद भाषण विधेयक का विरोध वही करते हैं जो नफरत फैलाते हैं: सिद्धारमैया

Date : 22-Dec-2025

मैसूर, 22 दिसंबर । कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घृणास्पद भाषण (हेट स्पीच) निवारण विधेयक को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक का विरोध वही लोग कर रहे हैं, जो समाज में भड़काऊ और विभाजनकारी भाषण देते हैं। यदि कोई व्यक्ति भड़काऊ भाषण नहीं देगा, तो उसके खिलाफ मामला दर्ज होने का सवाल ही नहीं उठता।

मैसूर में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा यह आरोप लगा रही है कि राज्य सरकार द्वारा लाया गया घृणास्पद भाषण निवारण विधेयक कुछ खास लोगों या समूहों को निशाना बनाने के लिए बनाया गया है, जबकि यह आरोप पूरी तरह निराधार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानून सभी राजनीतिक दलों और सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ऐसा है, तो फिर इस विधेयक का विरोध सिर्फ भाजपा ही क्यों कर रही है?

सिद्धारमैया ने कहा कि जिन लोगों को डर है कि इस कानून के तहत उन पर कार्रवाई हो सकती है, वही इसका विरोध कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि यह विधेयक किसी राजनीतिक बदले की भावना से नहीं, बल्कि समाज में शांति, सौहार्द और भाईचारे को बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हाल के दिनों में राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश में घृणास्पद और उकसाने वाले भाषणों की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हो रहा है। ऐसे भाषणों से समुदायों के बीच तनाव बढ़ता है और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का खतरा पैदा होता है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह विधेयक तैयार किया है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि घृणास्पद भाषणों से समाज में शांति स्थापित नहीं हो सकती। इसलिए सरकार की जिम्मेदारी है कि वह ऐसे बयानों पर अंकुश लगाए, जो समाज को बांटने का काम करते हैं। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि यह कानून किसी खास दल या व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, बल्कि उन सभी के खिलाफ है, जो नफरत फैलाने का काम करते हैं।

अंत में सिद्धारमैया ने कहा कि भाजपा इस विधेयक का कड़ा विरोध इसलिए कर रही है, क्योंकि उनके कुछ नेता ही अक्सर घृणास्पद और भड़काऊ भाषण देते रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार कानून का निष्पक्ष और समान रूप से पालन करेगी तथा किसी भी निर्दोष व्यक्ति को परेशान नहीं किया जाएगा।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement