सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में श्री मोदी ने कहा कि बुनियादी ढांचा विकास, विनिर्माण प्रोत्साहन, डिजिटल सार्वजनिक वस्तुएं और व्यापार करने में सुगमता जैसे क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयास एक समृद्ध भारत के सपने को साकार करने के उद्देश्य से हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आंकड़ों से पता चलता है कि सेवा क्षेत्र का मजबूत प्रदर्शन विकास का एक प्रमुख चालक बना हुआ है। चालू वित्त वर्ष में वित्तीय सेवाओं, रियल एस्टेट, पेशेवर सेवाओं और सार्वजनिक प्रशासन में स्थिर कीमतों पर 9.9 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है।
व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण से संबंधित सेवाओं में 7.5 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। द्वितीयक क्षेत्र में वृद्धि स्थिर रहने की उम्मीद है, विनिर्माण और निर्माण में 7 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है, जबकि कृषि में 3.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज होने का अनुमान है। केंद्रीय बजट में घोषित आयकर छूट और उसके बाद वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी दरों में कटौती के कारण वित्त वर्ष 2025-26 में वास्तविक निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई) में 7 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है।