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मध्य प्रदेश के रीवा जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी, वकीलों के चेंबर खाली कराए गए

Date : 08-Jan-2026

रीवा, 08 जनवरी । मध्य प्रदेश के रीवा में गुरुवार सुबह नए जिला न्यायालय भवन को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। ई-मेल से यह धमकी भरा मैसेज जिला एवं सत्र न्यायाधीश को मिला है, जिसमें जिला न्यायालय को आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने यह मैसेज फौरन एसपी को फॉरवर्ड किया। धमकी भरा ई-मेल सामने आते ही पुलिस, प्रशासन और खुफिया एजेंसियों ने मोर्चा संभाल लिया। कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई और एहतियातन जांच की प्रक्रिया शुरू की गई। कोर्ट परिसर में वकीलों के चम्बर खाली करा लिए गए हैं।

शहर कोतवाली थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, जिला न्यायालय भवन को उड़ाने की धमकी भरा ईमेल गुरुवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे मिला, जिसमें दोपहर ढाई बजे तक की मोहलत देने की बात की गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस बम स्क्वाड के साथ कोर्ट परिसर पहुंची। कोर्ट परिसर को चारों तरफ से घेर लिया गया। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। वकीलों के चेंबर खाली कराए गए। कोर्ट परिसर में मौजूद कर्मचारियों, वकीलों और अन्य लोगों को बाहर किया गया। आम लोगों की आवाजाही पर भी अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई, ताकि तलाशी अभियान के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो। इसके बाद बम स्क्वायड और पुलिस की संयुक्त टीम ने सघन तलाशी अभियान शुरू किया। कोर्ट भवन के हर हिस्से की बारीकी से जांच की गई। चेंबर, रिकॉर्ड रूम, कोर्ट रूम, गलियारे, पार्किंग एरिया और आसपास के खुले स्थानों को खंगाला गया।

बम निरोधक दस्ते ने आधुनिक उपकरणों की मदद से संदिग्ध वस्तुओं की जांच की, ताकि किसी भी तरह के विस्फोटक या खतरनाक सामग्री की मौजूदगी को समय रहते पकड़ा जा सके।मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरा इलाका कुछ देर के लिए छावनी में तब्दील नजर आया। पुलिस अधिकारियों ने हालात पर लगातार नजर बनाए रखी और तलाशी अभियान को पूरी सतर्कता के साथ अंजाम दिया।

सीएसपी राजीव तिवारी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि धमकी भरा मैसेज जिला एवं सत्र न्यायाधीश को प्राप्त हुआ था। उन्होंने इसे पुलिस अधीक्षक को फॉरवर्ड किया, जिसके बाद पुलिस, बम स्क्वायड और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि ई-मेल की भाषा हिंदी है और इसमें कई गंभीर बातें कही गई हैं। मेल में तमिलनाडु में 1979 के नेशनल डिफेंस/आतंक से जुड़े कानून का जिक्र किया गया है। मेल में साफ लिखा है कि दोपहर 2:35 बजे से पहले कोर्ट परिसर खाली करा लिया जाए।

सीएसपी ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है और हर एंगल से मामले की जांच की जा रही है। पुलिस धमकी देने वाले ईमेल का पता लगा रही है। पुलिस ने धमकी भरे मैसेज के सोर्स का पता लगाने के लिए साइबर सेल को भी सक्रिय कर दिया है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि मैसेज किस नंबर या माध्यम से भेजा गया और इसके पीछे किसका हाथ है। इसके साथ ही कोर्ट परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि का सुराग मिल सके।

उन्होंने बताया कि फिलहाल तलाशी अभियान के दौरान किसी भी संदिग्ध वस्तु के मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सावधानी के तौर पर कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और सभी पहलुओं की पुष्टि के बाद ही स्थिति को पूरी तरह सामान्य माना जाएगा।

इसी बीच जानकारी सामने आई है कि मध्य प्रदेश के साथ ही छत्तीसगढ़ के भी तीन जिला न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इनमें दुर्ग, बिलासपुर और राजनांदगांव जिला न्यायालय शामिल है। सभी न्यायालय परिसरों को खाली कराया गया। न्यायालयों में मौजूद न्यायाधीश, अधिवक्ता, कर्मचारी और आम नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही संबंधित जिलों की पुलिस और बम निरोधक दस्ता (बॉम्ब स्क्वॉड) मौके पर पहुंच गया और पूरे परिसर की सघन तलाशी शुरू की गई। डॉग स्क्वॉड की मदद से भी जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी न्यायालय से संदिग्ध वस्तु मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


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