नई दिल्ली, 03 फरवरी । भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर मंगलवार को राज्यसभा में विपक्षी दलों ने जोरदार हंगामा किया और चर्चा की मांग करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। हंगामे के बीच राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार जल्द इस ट्रेड डील के सभी बिंदुओं पर स्वयं विस्तृत बयान जारी करेगी और सरकार इस पर चर्चा के लिए भी तैयार है।
नड्डा ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि चर्चा की मांग का उनका तरीका गैर-जिम्मेदाराना है और लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि जब सरकार खुद ही सदन में पूरी जानकारी देने को तैयार है, तब नारेबाजी और व्यवधान लोकतंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से टैरिफ में कटौती की जानकारी दी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस विषय पर बातचीत भी हुई है।
शून्यकाल के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने यह मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि ट्रेड डील से जुड़ी जानकारी भारत को वॉशिंगटन से मिल रही है, न कि सरकार की ओर से संसद को।
विपक्ष ने डील से जुड़े कई पहलुओं पर सवाल उठाए, जिनमें कृषि क्षेत्र को खोलने के दावे, टैरिफ को शून्य करने की मांग और रूसी तेल की खरीद पर संभावित प्रतिबंध शामिल हैं।
सरकार की ओर से बताया गया कि अमेरिका ने भारत पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बातचीत के बाद यह निर्णय लिया गया है और भविष्य में टैरिफ को और कम करने, यहां तक कि शून्य प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा गया है।
