लखनऊ, 03 फरवरी । उत्तर प्रदेश को दवा और चिकित्सा उपकरण निर्माण के क्षेत्र में देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ स्थित होटल ताज में आयोजित वैश्विक निवेशकों एवं उद्यमियों के महासंगम ‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव-1’ का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर देश-विदेश से आए निवेशक, फार्मा कंपनियों के प्रतिनिधि, चिकित्सा विशेषज्ञ और नीति निर्माता मौजूद रहे।
कार्यक्रम को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज ग्लोबल फार्मास्युटिकल हब के रूप में अपनी सशक्त पहचान बना चुका है। उन्होंने बताया कि विश्व की लगभग 20 प्रतिशत जेनरिक दवाएं और करीब 60 प्रतिशत वैश्विक वैक्सीन मांग की पूर्ति भारत करता है। भारतीय फार्मा उत्पादों का निर्यात आज 200 से अधिक देशों में हो रहा है। उन्होंने कहा कि अनुसंधान, रिसर्च, विकास और निर्यात तक पूरे फार्मा सेक्टर को मजबूत किया गया है।
जेपी नड्डा ने बताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा केन्द्रीय बजट में बायोफार्मा शक्ति योजना की घोषणा की गई है, जिसे आगामी पांच वर्षों में लागू किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारत को वैश्विक दवा निर्माण हब के रूप में विकसित करना है। इसके अंतर्गत कैंसर, डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार में उपयोग होने वाली अत्याधुनिक दवाओं के निर्माण को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार निवेशकों को भूमि, कुशल मानव संसाधन और अनुकूल नीतिगत सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व स्तर पर एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में उभर रहा है। कोरोना महामारी के दौरान भारत की फार्मा और स्वास्थ्य क्षमता को पूरी दुनिया ने देखा। उन्होंने बताया कि देश में स्वास्थ्य ढांचे का तेजी से विस्तार हुआ है और आज 800 से अधिक मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। साथ ही एमबीबीएस सीटों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
फार्मा सेक्टर के लिए सबसे बड़ा बाजार उत्तर प्रदेश : योगी आदित्यनाथ
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश फार्मा उद्योग के लिए देश का सबसे बड़ा बाजार है। राज्य सरकार मेडिकल डिवाइस पार्क सहित औद्योगिक बुनियादी ढांचे को तेजी से विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि आज भारत के 55 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। 25 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में पर्याप्त जल संसाधन, मजबूत लॉजिस्टिक्स और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश का ऐसा राज्य है जहां सबसे अधिक हवाई अड्डे हैं। वर्तमान में 16 हवाई अड्डे क्रियाशील हैं, जिनमें चार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे शामिल हैं। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में हर क्षेत्र के लिए स्पष्ट और प्रभावी योजनाएं मौजूद हैं। सिंगल विंडो सिस्टम लागू कर निवेशकों को त्वरित स्वीकृति प्रदान की जा रही है। शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में अराजकता, पलायन और अवैध वसूली का माहौल था, लेकिन अब कानून व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और प्रदेश विकास के नए पथ पर अग्रसर है।
अपार संभावनाओं वाले उत्तर प्रदेश में दवाएं बनाएं : ब्रजेश पाठक
राज्य के उप मुख्यमंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने फार्मा कंपनियों के प्रतिनिधियों से उत्तर प्रदेश में दवा उद्योग स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निर्मित दवाओं को सरकार प्राथमिकता के आधार पर खरीदेगी और उन्हें मरीजों की सेवा में लगाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आज उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक मेडिकल कॉलेज हैं। पीजीआई, केजीएमयू और लोहिया जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान प्रदेश की पहचान हैं। राज्य में साढ़े तीन हजार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, लगभग 200 विशिष्ट चिकित्सालय तथा सभी जिलों में जिला अस्पताल संचालित हैं। हर वर्ष 50 करोड़ से अधिक मरीजों का ओपीडी में उपचार किया जाता है। राज्य सरकार की प्रतिबद्धता आमजन को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि बीते आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश में व्यापक बदलाव आया है। 75 जिलों को 24 घंटे बिजली, सभी जिला मुख्यालयों को फोरलेन सड़कों से जोड़ा गया है। एशिया के सबसे बड़े जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का शीघ्र उद्घाटन होने वाला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब माफियाविहीन है और कानून का राज स्थापित हुआ है। रेल और सड़क नेटवर्क मजबूत हुआ है और उत्तर प्रदेश तेजी से प्रगति की ओर बढ़ रहा है।
इस कॉन्क्लेव में दवा और चिकित्सा उपकरण निर्माण से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि और चिकित्सा विशेषज्ञ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में कई फार्मा कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में दवा उद्योग स्थापित करने के लिए निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए, जिससे राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
