भोपाल, 06 फरवरी । पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम का असर समाप्त होते ही मध्य प्रदेश में ठंड और ज्यादा महसूस की जाने लगी है। उत्तर दिशा से चल रही ठंडी हवाओं के कारण दिन में भी सिहरन बढ़ गई है, वहीं रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है और कई जगह पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह से सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण प्रदेश में ओलावृष्टि और बारिश का सिलसिला जारी था, जो गुरुवार को थम गया। इसके बाद अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिली। बुधवार-गुरुवार की रात ग्वालियर सहित प्रदेश के 8 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया गया। वहीं, 30 से अधिक जिलों में कहीं हल्का तो कहीं घना कोहरा छाया रहा।
प्रदेश में सबसे ठंडा शहर राजगढ़ रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रीवा में 7.2 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, दतिया में 8.4 डिग्री, दमोह और सतना में 9.6 डिग्री तथा पचमढ़ी में तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल और उज्जैन में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री, इंदौर में 13.2 डिग्री और जबलपुर में 13.5 डिग्री दर्ज किया गया। ग्वालियर में तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहा। कोहरे का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। दिल्ली से आने वाली कई ट्रेनों, जिनमें मालवा, सचखंड और शताब्दी एक्सप्रेस शामिल हैं, की समय-सारिणी प्रभावित हुई है।
आज हल्के कोहरे का असर
शुक्रवार सुबह प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्के से मध्यम कोहरे की स्थिति बनी रही। ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और उज्जैन संभाग के जिलों में कोहरे का प्रभाव देखा गया। पूर्वानुमान है कि 7 फरवरी को हल्का कोहरा छाया रहेगा। बारिश का कोई अलर्ट नहीं, लेकिन ठंड का असर बना रहेगा। 8 फरवरी को कई जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा रहेगा। इस दिन भी बारिश की संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 8 फरवरी से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। 10 फरवरी से मावठा गिरने की संभावना है।
