अररिया 13 फरवरी।फारबिसगंज रेफरल रोड स्थित एक निजी नर्सिंग होम में छापेमारी के क्रम में धावा दल और चिकित्सक के बीच हाथापाई को लेकर शुक्रवार को निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने आर पार की लड़ाई छेड़ दी है।आईएमए और भाषा की गुरुवार शाम को हुई मीटिंग में लिए गए निर्णय के आलोक में शुक्रवार को नर्सिंग होम,पैथोलॉजी सेंटर, अल्ट्रासाउंड सेंटर के साथ दवा दुकानदारों ने दुकानें बंद रखकर प्रदर्शन किया।
इस दौरान चिकित्सकों ने रेफरल रोड में मार्च भी किया,जो पुनः अनुमंडलीय अस्पताल परिसर स्थित लायंस चिल्ड्रन पार्क में नुक्कड़ सभा में तब्दील हो गई।इधर भाषा के आह्वान पर सरकारी चिकित्सकों ने घटना के विरोध में काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी की।
गुरुवार शाम रेफरल रोड में आईएमए और भाषा से जुड़े चिकित्सकों की मीटिंग हुई।जिसमें जांच के नाम पर एडीएम द्वारा चिकित्सक के ऊपर थप्पड़ जड़ने की घटना की निंदा की।चिकित्सकों ने आईएमए राज्य इकाई के निर्देश के आलोक में शुक्रवार को फारबिसगंज के सभी निजी क्लिनिक बंद रखने के साथ ओपीडी और इमरजेंसी सेवा दोनों सेवा को बंद रखने का निर्णय लिया।बैठक में सरकारी सेवा से जुड़े भाषा के चिकित्सकों ने काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी किया।
आईएमए ने स्पष्ट रूप से मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए अररिया जिला प्रशासन को अपनी गलती मानकर चिकित्सक से माफी मांगने की मांग की है।साथ ही चिकित्सक के खिलाफ दर्ज केस को वापस लेने की मांग की। आईएमए फारबिसगंज इकाई ने स्पष्ट निर्णय लेते हुए कहा कि कहीं भी कोई डेलिगेशन नहीं जाएगा,जिला प्रशासन को आकर बात करनी होगी।मामले में आईएमए केस लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है।चिकित्सक बचपन नियो एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के डॉ दीपक कुमार की इंज्यूरी को ग्रिवियस बताया गया है।
मौके पर डॉ अजय कुमार सिंह,डॉ अतहर,डॉ रेशमा अली,डॉ आशुतोष कुमार,डॉ संजीव कुमार,डॉ के. एन.सिंह,डॉ जी. एन.चौपाल, डॉ संजीव कुमार,डॉ संतोष भगत,डॉ अलका कुमारी,डॉ चेतन,डॉ आनंद सिंह,डॉ मनोरंजन शर्मा सहित पैथोलॉजी और अल्ट्रा साउंड सेंटर के साथ दवा दुकानदार शामिल थे।
