भागलपुर, 27 अप्रैल । नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन को लेकर सियासत तेज हो गई है। इस मुद्दे पर विपक्ष के बयानों के विरोध में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी और एनडीए से जुड़ी महिला कार्यकर्ताओं ने भागलपुर में आक्रोश रैली निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। रैली में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी देखी गई, जिन्होंने सड़कों पर उतरकर अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए आवाज बुलंद किया।
प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि नारी शक्ति से जुड़े इस महत्वपूर्ण अधिनियम पर विपक्ष गलत तरीके से अपनी बात रख रहा है और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने का काम कर रहा है। खास तौर पर पप्पू यादव और राहुल गांधी के बयानों को लेकर नाराजगी जताई गई। महिला कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस तरह की बयानबाजी किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। रैली के दौरान महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया और विपक्षी दलों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नारी शक्ति का सम्मान हर हाल में बनाए रखना होगा और जो भी इसके खिलाफ जाएगा, उसे जनता जवाब देगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के साथ-साथ एनडीए के अन्य घटक दलों की महिलाएं भी एकजुट नजर आईं।
सभी ने एक स्वर में कहा कि महिलाओं के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। रैली ने शहर का माहौल गरमा दिया और यह साफ संकेत दिया कि महिलाओं के मुद्दों पर अब राजनीतिक बहस और तेज होने वाली है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक कानून की नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान और अधिकारों की है, जिसे हर हाल में जीतकर रहेंगे।
