भोपाल, 01 सितंबर हि.स.)। ब्रिटिश उप उच्चायुक्त एवं मंत्री क्रिस्टीना स्कॉट के मुख्य आतिथ्य में शुक्रवार को मनरेगा कार्यक्रमों के लिए जलवायु सूचना सेवा (सीआईएस) टूल- यू-क्रिस्प (यूनिवर्सल क्लाइमेट रेसीलेन्स इन्फॉर्मेशन सिस्टम एवं प्लानिंग टूल) का मेपकास्ट परिसर भोपाल में लोकार्पण हुआ। इस मौके पर प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा भी मौजूद रहे। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मेपकास्ट) द्वारा इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एनवायरनमेंट एण्ड डेवलपमेंट के सहयोग से भारत सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत यह टूल विकसित किया गया है।
मंत्री सखलेचा ने बताया कि इस टूल के माध्यम से इकोसिस्टम एवं जलवायु परिस्थितियों को समझने में सहायता मिलेगी। क्लाइमेट चेंज को लेकर हम सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। इस टूल के माध्यम से ग्रामों को जोड़ा जाएगा, जिससे प्राप्त सूचना का लाभ ग्रामों को मिल पाएगा। साथ ही इकोसिस्टम नेचर को समझने में इस टूल से सहायता मिल सकती है। सखलेचा ने कहा कि विश्व के सभी देशों की समस्याओं के सभी को मिलकर समाधान निकालने होंगे। तेजी से हो रहे टेक्नोलॉजिकल चेंज से अर्बन एवं रूरल एरिया में जो अंतर आया है, उसे समझ कर कार्य करना होगा।
मंत्री एवं ब्रिटिश उप उच्चायुक्त क्रिस्टीना स्कॉट ने कहा कि तकनीकी ही सभी समस्याओं का उत्तर है। भारत एवं ब्रिटेन के बीच विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ाने के लिए हाल ही में हुए अनुबंधों का दोनों देशों को फायदा मिलेगा। अगले सप्ताह भारत में होने वाली जी-20 समूह की बैठक में भारतीय प्रधानमंत्री एवं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के बीच होने वाली बैठक में विज्ञान एवं तकनीकी से जुड़े विषयों में आपसी सहयोग से साझा कार्यक्रमों के लिए सहमति बनेगी।
मध्यप्रदेश युवा आयोग के अध्यक्ष डॉ निशांत खरे ने कहा कि रिड्यूस, रीयूज, रीसाइकिल एवं रिस्पेक्ट ऑफ नेचर के चार मंत्रों से ही हम प्रकृति को बचा सकते हैं। अब समय आ गया है कि हम बिल्डिंग के बाहर आकर क्लाइमेट चेंज के बारे में बात करें। परंपरा विज्ञान से संबंधित होती है और इसका वेलिडेशन करना उचित होगा। कार्यक्रम में पर्यावरण साथियों को सम्मानित भी किया गया। आईआईईडी से टॉम मिशेल, डॉ. ऋतु भारद्वाज, डॉ. अनिल कोठारी, डॉ. आलोक चौधरी सहित मेपकास्ट के अधिकारी उपस्थित रहे।
यू-क्रिस्प रिसोर्स सेंटर का हुआ उद्घाटन
मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा एवं ब्रिटिश उप उच्चायुक्त एवं मंत्री क्रिस्टीना स्कॉट ने इस मौके पर मेपकास्ट में एक दिवसीय कार्यशाला में जलवायु लचीलापन योजना के अंतर्गत वैश्विक स्तर पर उपयोग एवं वैश्विक अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए स्थापित नवनिर्मित रिसोर्स सेंटर का भी उद्घाटन किया।
मेपकास्ट एवं ब्रिटिश उच्चायुक्त के बीच हुआ एमओयू
विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए मेपकास्ट एवं ब्रिटिश उच्चायुक्त के बीच एमओयू किया गया। एमओयू से भविष्य में विभिन्न तकनीकी एवं नवाचार में दोनों संस्थाएँ मिलकर योजना बना सकेंगी, कार्य कर सकेंगी और नवीन प्रौद्योगिकियों को साझा भी कर सकेगी।
बीबीसी द्वारा घोषित शीर्ष 10 नवाचार टूल में से एक है यह टूल
यू क्रिस्प टूल का विकास ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार और विदेशी राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) यूनाइटेड किंगडम सरकार के इंफ्रा-स्ट्रक्चर फॉर क्लाइमेट रेजिलिएंट ग्रोथ प्रोग्राम (आईसीआरजी) पोर्टफोलियो के अंतर्गत विशेष सहयोग से हुआ है। आवश्यकता को देखते हुए यूनिवर्सल टूल का निर्माण जिसके अंतर्गत अन्य देशों में भी क्लाइमेट चेंज की गतिविधियों को सम्पादित किया जायेगा। इस टूल को बीबीसी द्वारा 'शीर्ष 10 नवाचार टूल' में भी शामिल किया गया है।
यू-क्रिस्प टूल जलवायु परिवर्तन की संभावित चुनौतियों का सामना करने में ग्रामीण समुदायों को आवश्यक सहायता देगा। यह ग्रामीण परिवारों को स्थानीय जलवायु डेटा को प्राप्त करने और साझा करने की सुविधा प्रदान करने के साथ ही जलवायु संकट का सामना करने में मदद करता हैं और उनकी आजीविका की सुरक्षा के लिए संसाधनों तक पहुँचने की सुविधा प्रदान करता है। इस टूल को जलवायु प्रभावों का बेहतर प्रबंधन करने में मदद के साथ ही जल-संरक्षण के निर्माण के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण भी प्रदान करेगा। साथ ही विभिन्न विभागों जैसे कृषि, वन, जल संसाधन आदि की विकास पहलों के तहत भूमि विकास और पौध-रोपण के कार्यों का समर्थन कर सकता है। इस टूल से जलवायु प्रतिरोध क्षमता योजनाएं भी ग्रामीण क्षेत्रों के लंबे समय तक सूखे से सुरक्षित करने का समर्थन कर सकती हैं।
