बजट में कुछ अन्य जन हितैषी घोषणाएँ
वित्त मंत्री सुश्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में मोबाइल फोन, मोबाइल चार्जर, सोना, चांदी और अन्य पर मूल सीमा शुल्क में कटौती करने की घोषणा की । इससे घरेलू मोबाइल फोन उद्योग में प्रतिस्पर्धा बढ़ने और निवेश बढ़ने की संभावना है । इससे निर्माताओं की उत्पादन क्षमता और लाभ मार्जिन में सुधार होगा । वित्तमंत्री ने इस बजट में सोने और चांदी पर सीमा शुल्क घटाकर 6 प्रतिशत और प्लैटिनम पर 6.4 प्रतिशतशकरने की घोषणा की । इससे सोने और चांदी के आभूषण सस्ते होंगे। यह घोषणा महिलाओं के हित में मानी जा रही है । चूँकि आभूषण के प्रति आकर्षण महिलाओं में अधिक होता है । वित्तमत्री ने कैंसर के इलाज की तीन दवाओं को मूल सीमा शुल्क से छूट देने, सौर पैनलों के निर्माण में उपयोग की जाने वाली फेरोनिकेल, ब्लिस्टर कॉपर पर मूल सीमा शुल्क हटाने की भी घोषणा की । जबकि निर्दिष्ट दूरसंचार उपकरणों पर शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया है । वित्त मंत्री ने लिथियम सहित 25 महत्वपूर्ण खनिजों के लिए आयात शुल्क छूट की भी घोषणा की । लिथियम इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी बनाने में उपयोग होता है । इसपर आयात शुल्क बढ़ने से विद्युतीय वाहन निर्माण की गति तेज होगी । बजट में सरकार ने अमोनियम नाइट्रेट पर सीमा शुल्क बढ़ाकर 10 प्रतिशत और गैर-बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक पर 25 प्रतिशत करने की घोषणा की गई। बजट में धार्मिक पर्यटन को देश में बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्री विष्णुपाद मंदिर कोरिडोर, गया, बिहार एवं श्री महाबोधि मंदिर कोरिडोर बोधगया, बिहार को विकसित किए जाने की घोषणा की । इसे काशी विश्वनाथ मंदिर कोरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसी प्रकार देश में अन्य मंदिरों को भी विकसित किया जा रहा है।
विभिन्न विभागों केलिये प्रस्तावित राशि प्रावधान
वित्त मंत्रालय को 1858158.52 करोड़, रक्षा मंत्रालय के लिये 621940.85 करोड़, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के लिये 278000.00 करोड़, रेल मंत्रालय के लिये 255393.00 करोड़, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के लिये 223323.36 करोड़, गृह मंत्रालय के लिये 219643.31 करोड़, ग्रामीण विकास मंत्रालय के लिये 180233.43 करोड़, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय केलिये 168499.87 करोड़, संचार मंत्रालय के लिये 137293.90 करोड़, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के लिये 132469.86 करोड़, शिक्षा मंत्रालय के लिये 120627.87 करोड़, जल शक्ति मंत्रालय के लिये 98713.78 करोड़, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के लिये 90958.63 करोड़, आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय के लिये 82576.57 करोड़, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के लिये 26092.19 करोड़, परमाणु ऊर्जा विभाग केलिये 24968.98 करोड़, श्रम और रोजगार मंत्रालय के लिये 22531.47 करोड़, विदेश मंत्रालय के लिये 22154.67 करोड़, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय केलिये 22137.95 करोड़, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय केलिये 21936.90 करोड़, ऊर्जा मंत्रालय के लिये 20502.00 करोड़, नवीन और नवीकरणीय मंत्रालय ऊर्जा केलिये 19100.00 करोड़, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय केलिये 16628.12 करोड़, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय केलिये 15930.26 करोड़, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता के लिये 14225.47 करोड़, अंतरिक्ष विभाग के लिये 13042.75 करोड़, आदिवासी मामलों का मंत्रालय केलिये 13000.00 करोड़, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के लिये 11469.14 करोड़, भारी उद्योग मंत्रालय के लिये 7242.00 करोड़, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के लिये 7137.68 करोड़, कानून और न्याय मंत्रालय के लिये 6788.33 करोड़, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के लिये 5900.00 करोड़, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के लिये 5453.83 करोड़, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के लिये 4520.00 करोड़, वस्त्र मंत्रालय के लिये 4417.03 करोड़, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के लिये 4342.55 करोड़, आयुष मंत्रालय के लिये 3712.49 करोड़, युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के लिये 3442.32 करोड़, पर्यावरण, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय जलवायु परिवर्तन के लिये 3330.37 करोड़, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के लिये 3290.00 करोड़, संस्कृति मंत्रालय के लिये 3260.93 करोड़, अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय 3183.24 करोड़, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय 3064.80 करोड़, कॉर्पोरेट मामले मंत्रालय 2667.06 करोड़, पर्यटन मंत्रालय 2479.62 करोड़, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय 2379.87 करोड़, बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय 2377.49 करोड़, नागरिक उड्डयन मंत्रालय 2357.14 करोड़, खान मंत्रालय 1941.06 करोड़, राष्ट्रपति, संसद, संघ लोक सेवा आयोग और उपराष्ट्रपति का सचिवालय 1884.92 करोड़, पंचायती राज मंत्रालय 1183.64 करोड़, सहकारिता मंत्रालय 1183.39 करोड़, योजना मंत्रालय 837.26 करोड़, इस्पात मंत्रालय 325.66 करोड़, कोयला मंत्रालय 192.55 करोड़, संसदीय मामलों का मंत्रालय 64.00 करोड़ रुपये की राशि का आवंटन प्रस्तावित है ।
बजट में योजनागत व्यय प्रस्ताव
मनरेगा योजना 86000 करोड़, आयुष्मान भारत 7300 करोड़, पीएलआई योजना 6200 करोड़, सौर ऊर्जा (ग्रिड) 10000 करोड़, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली 6250 करोड़, पीएम आवास नगरीय 30171 करोड़,पीएम आवास ग्रामीण 54500 करोड़, पीएम विश्वकर्मा योजना 4824 करोड़, पीएम ग्राम सड़क 19000 और मिशन वात्सल्य योजना के लिये 1472 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं ।
लेखक : रमेश शर्मा
