पश्चिम मेदिनीपुर, 08 फरवरी । जिले के आनंदपुर थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया के जरिए हुए प्रेम संबंधों के चलते घर छोड़कर भागी 10 नाबालिग लड़कियों को पुलिस ने मात्र 25 दिनों के भीतर बरामद कर बड़ी सफलता हासिल की है। बरामद सभी नाबालिगों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के माध्यम से सरकारी शेल्टर होम भेज दिया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन नाबालिग लड़कियों की पहचान फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हुई थी। ऑनलाइन दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई और इसी ‘प्यार’ के चक्कर में लड़कियां घर छोड़कर अलग-अलग जगहों पर चली गईं। आनंदपुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पिछले 25 दिनों में सभी को सुरक्षित बरामद कर लिया।
बरामद लड़कियों में एक माध्यमिक (10वीं) की परीक्षार्थी भी शामिल है, जो परीक्षा से कुछ दिन पहले ही अपने प्रेमी के साथ घर से भाग गई थी। मामले में पुलिस ने आरोपित के एक रिश्तेदार को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद लड़की को केशपुर बस स्टैंड के पास से बरामद किया गया।
एक पीड़ित पिता ने बताया कि उन्होंने बेटी को पढ़ने के लिए घर से भेजा था, लेकिन वह सोशल मीडिया के प्रेम जाल में फंसकर घर छोड़ गई। उन्होंने आशंका जताई कि अगर समय रहते पुलिस कार्रवाई नहीं करती, तो उनकी बेटी किसी बड़ी मुसीबत या मानव तस्करी जैसे अपराध का शिकार भी हो सकती थी।
जिला प्रशासन का मानना है कि पश्चिम मेदिनीपुर में बाल विवाह और नाबालिगों के घर छोड़ने की घटनाएं अब भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। अधिकारियों के अनुसार, हर मामले में माता-पिता की जबरदस्ती नहीं होती, बल्कि कई बार नाबालिग खुद ही घर छोड़कर शादी कर लेती हैं।
प्रशासन की ओर से स्कूलों में ‘कन्याश्री क्लब’ और ‘बंधु महल’ जैसे जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के सामने ये प्रयास अभी पर्याप्त साबित नहीं हो पा रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और संवाद बनाए रखें, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
