मंडी, 10 फ़रवरी । राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित 25वें भारत रंग महोत्सव में मंडी चैप्टर के अंतर्गत हिमाचल सांस्कृतिक शोध संस्थान, व रंगमंडल, मंडी सतोहल में नाटकों का मंचन किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रथम दिन की पूर्व संध्या पर नाटक पांचाली का प्रभावशाली मंचन किया गया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि अपूर्व देवगन, उपायुक्त, मंडी उपस्थित रहे। उनके साथ आयुक्त, नगर निगम मंडी रोहित राइौर तथा डॉ. राकेश शर्मा, प्रोफेसर इतिहास विभाग, सरदार पटेल विश्वविद्यालय, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
हिमाचल सांस्कृतिक शोध संस्थान 8 रंगमंडल सतोहल की सचिव सीमा शर्मा ने बताया कि पांचाली परंपरागत अर्थों में एक नाटक न होकर नंदकिशोर आचार्य द्वारा रचित एक दीर्घ कविता है, जिसमें पांचाली के जीवन प्रसंगों के माध्यम से स्त्री की पीड़ा, संघर्ष और आत्मचिंतन को गहराई से अभिव्यक्त किया गया है। जिसमें पांचाली का यह कथन है कि वह केवल उपभोग की वस्तु बनकर रह गई थी, लेकिन आज भी यह कथन उतना ही प्रासंगिक प्रतीत होता है। समय के लंबे अंतराल के बावजूद नारी की स्थिति में अपेक्षित परिवर्तन न हो पाना इस प्रस्तुति का केंद्रीय भाव है। अपनी अंतिम यात्रा में पांचाली द्वारा स्वयं से पूछे गए प्रश्न आज की आधुनिक स्त्री के समक्ष भी यक्ष प्रश्न बनकर खड़े हैं। वस्तुतः पांचाली के ये प्रश्न आज की स्त्री के ही प्रश्न हैं।
सुरेश शर्मा के कुशल निर्देशन में प्रस्तुत यह कृति अभिनय, भाव-भंगिमाओं, मुद्राओं और प्रतीकों व अभिनय के माध्यम से एक सशक्त नाट्य-रचना बनकर उभरी। प्रस्तुति में पांचाली के चरित्र के माध्यम से नारी सशक्तिकरण की प्रभावी झलक देखने को मिली। सभी कलाकारों का अभिनय अत्यंत सराहनीय रहा। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सतोहन गांव में स्थित यह संस्थान, जो निरंतर रंगकर्म को समर्पित है, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय का हृदय से आभार व्यक्त करता है कि उन्होंने संस्थान के कार्यक्षेत्र और रंगमंचीय योगदान को देखते हुए इस प्रतिष्ठित प्रस्तुति के मंचन का अवसर प्रदान किया।
इस नाटक में कलाकार के रूप में संपा मंडल, साक्षी, आयुषी, सानिया घोष की मुख्य भूमिकाएं रही। जबकि प्रकाश व्यवस्था दीप कुमार, संगीत एवं मंच व्यवस्था पिंटू झा, कोरियोग्राफी संगीता शर्मा व प्रस्तुति संयोजन सीमा शर्मा द्वारा किया गया।
