पूर्व मेदिनीपुर, 14 फरवरी। पश्चिम बंगाल सरकार की ‘बांगलार बाड़ी’ आवास योजना को लेकर जहां एक ओर अनियमितताओं और कथित ‘कटमनी’ के आरोप सामने आ रहे हैं, वहीं पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम क्षेत्र से एक सकारात्मक उदाहरण सामने आया है। नंदीग्राम-दो ब्लॉक के बिरुलिया ग्राम पंचायत अंतर्गत पूर्व घोलपुकुरिया निवासी सुब्रत मंडल ने योजना की पहली किश्त के रूप में प्राप्त 60 हजार रुपये स्वेच्छा से प्रशासन को लौटा दिए।
सुब्रत मंडल ने पहले एक कच्चे घर में अपने माता-पिता, भाई, पत्नी और पुत्र के साथ कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताया। आर्थिक तंगी के बीच राजमिस्त्री के सहायक के रूप में कार्य कर वे परिवार का भरण-पोषण करते थे। बेहतर आवास के सपने के साथ उन्होंने ‘आवास योजना’ के तहत आवेदन किया था। चार बार सर्वे के बाद चालू वर्ष में उनके बैंक खाते में 60 हजार रुपये की पहली किश्त जमा हुई।
इसी बीच उन्हें रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरी मिल गई। नियमित आय होने के बाद उन्होंने निर्णय लिया कि वे योजना की राशि नहीं लेंगे, ताकि जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सके। सुब्रत ने कहा कि अब वे अपनी आय से स्वयं घर बना सकते हैं और जिन लोगों को इस राशि की अधिक आवश्यकता है, उन्हें प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
सुब्रत के पिता सुशील मंडल ने यह राशि नंदीग्राम-दो के बीडीओ शुभदीप चौधुरी के पास जमा कर दी। शुक्रवार शाम फोन पर खबर की पुष्टि करने पर बीडीओ ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नियमों के अनुसार राशि सरकारी कोषागार में जमा कर दी गई है और आगे उनके नाम से कोई किश्त जारी नहीं की जाएगी। योजना से संबंधित उनका आईडी भी निष्क्रिय किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में ‘बांगलार बाड़ी’ योजना के क्रियान्वयन को लेकर विभिन्न शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे समय में नंदीग्राम के इस युवक की पहल को प्रशासनिक अधिकारियों ने सराहनीय और प्रेरणादायी बताया है।
