भुवनेश्वर, 06 फ़रवरी । परीक्षा के मौसम के दौरान विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ ने देशभर के छात्रों को सकारात्मक दिशा दी है। इसी क्रम में शुक्रवार को ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भुवनेश्वर के यूनिट-1 स्थित सरकारी उच्च विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ मिलकर ‘परीक्षा पे चर्चा–2026’ का सजीव प्रसारण देखा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छात्रों से संवाद करते हुए परीक्षा की तैयारी और पढ़ाई के दौरान मानसिक संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दबाव में नहीं, बल्कि धैर्य के साथ पढ़ाई करने से ही बेहतर परिणाम मिलते हैं। आत्मविश्वास ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है और यह सत्यनिष्ठा व निरंतर प्रयास से विकसित होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पढ़ाई के लिए किसी विशेष आरामदायक वातावरण की आवश्यकता नहीं होती। यदि सीखने की सच्ची इच्छा और सकारात्मक मानसिकता हो, तो हर वातावरण अनुकूल बन जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संघर्ष, सफलता और जीवन कौशल से सीख लेने की प्रेरणा देते हुए कहा कि जीवन में लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए और भविष्य को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ना जरूरी है।
अभिभावकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को उनकी क्षमता, योग्यता और रुचि के अनुसार प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। बच्चों का चारित्रिक विकास, अनुशासन और नैतिक मूल्य पारिवारिक वातावरण में ही विकसित होते हैं। उन्होंने अभिभावकों से बचपन से ही नैतिक शिक्षा देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि परीक्षा परिणाम को जीवन की सफलता का एकमात्र पैमाना नहीं मानना चाहिए। ज्ञान अर्जन का मार्ग ही वास्तविक और स्थायी सफलता की ओर ले जाता है। अधिक अंक पाने को ही सफलता समझने की धारणा गलत है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि परीक्षाओं को तनाव के साथ नहीं, बल्कि मुस्कान और आत्मविश्वास के साथ स्वीकार करें।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को आगामी वार्षिक परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें अपने परिश्रम का उचित फल अवश्य मिलेगा और उनका आशीर्वाद सदैव छात्रों के साथ है।
इस अवसर पर विलय एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड, ओसेपा परियोजना निदेशक अनन्या दास, विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षकगण उपस्थित रहे।
