कोरबा, 06 फरवरी । छत्तीसगढ़ के कोरबा ने “स्वच्छता महासंकल्प” से इतिहास दिया है। इस अभियान के तहत एक घंटे में 10 हजार से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है।
कोरबा जिले ने स्वच्छता के क्षेत्र में शुक्रवार काे एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए न केवल प्रदेश बल्कि देश और अंतरराष्ट्रीयस्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई है। नगर निगम कोरबा के आयोजित “स्वच्छता महासंकल्प और हस्ताक्षर अभियान” के तहत मात्र एक घंटे के भीतर 10 हजार से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में कोरबा का नाम दर्ज कराया है। इस उपलब्धि ने उत्तराखंड राज्य के पूर्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
नगर निगम, कोरबा ने स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से इस विशेष अभियान का आयोजन किया था। इसके तहत आज शुक्रवार को शहर में 280 मीटर लंबा विशाल बैनर लगाया गया, जिस पर आम नागरिकों के साथ-साथ स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों ने स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए हस्ताक्षर किए। बड़ी संख्या में लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह सिद्ध कर दिया कि स्वच्छता केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उल्लेखनीय है कि नगर निगम, कोरबा स्वच्छता के क्षेत्र में लगातार नवाचार कर रहा है। हाल ही में स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर निगम कोरबा को देश के सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में आठवां स्थान प्राप्त हुआ है। इसी कड़ी में यह नया वर्ल्ड रिकॉर्ड शहर की स्वच्छता के प्रति जागरूक सोच और जनभागीदारी का प्रमाण है।
इस अभियान में छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, महापौर संजू देवी राजपूत, कलेक्टर कुणाल दुदावत तथा नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने स्वयं भी बैनर पर हस्ताक्षर कर नागरिकों को स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित किया। आयोजन स्थल पर हजारों लोगों को एक साथ स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई।
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने इस अवसर को कोरबा के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह रिकॉर्ड केवल संख्या का नहीं, बल्कि जनमानस की सोच में आए सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के माध्यम से कोरबा आने वाले समय में स्वच्छता के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल शहर के रूप में उभरेगा।
नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने जानकारी दी कि इससे पहले उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के नाम एक घंटे में लगभग साढ़े सात हजार हस्ताक्षरों का रिकॉर्ड दर्ज था, जिसे कोरबा ने तोड़ते हुए नया वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया है। यह उपलब्धि प्रशासन और जनता के सामूहिक प्रयासों की मिसाल है।
