नई दिल्ली, 06 फरवरी । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल के बजट पर तीखा प्रहार करते हुए ममता बनर्जी पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाया। भाजपा ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की सरकार का बजट तुष्टीकरण और असंतुलित प्राथमिकताओं को दर्शाता है।
भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि जहां एक ओर देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास, पारदर्शिता और समावेशी प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है, वहीं पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सरकार का बजट तुष्टीकरण और असंतुलित प्राथमिकताओं को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने बजट में माइनॉरिटी अफेयर्स और मदरसों के लिए 5713 करोड़ रुपये का आवंटन किया है, जबकि इंडस्ट्री और कॉमर्स के लिए मात्र 1400 करोड़ रुपये रखे हैं। इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के लिए 217 करोड़ रुपये, साइंस व रिसर्च के लिए केवल 82 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि ममता बनर्जी द्वारा प्रस्तुत बजट में विकास के प्रति पूरी तरह निर्ममता दिखाई देती है और मां, माटी, मानुष की जगह मौलवी और मदरसा को ममता दी गई है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि एक तरफ मुस्लिम समाज की 87 में से 78 जातियों को ओबीसी का दर्जा देकर पहले उन पर संवैधानिक ममता उड़ेली गई और अब वित्तीय ममता भी उड़ेली जा रही है। मौलवी और मुअज्जिन को जो पैसा मिलेगा, उसके लिए किसी प्रकार का रेजिडेंशियल या रेजिडेंसी प्रूफ भी नहीं मांगा जा रहा है। इससे यह साफ है कि इंडी गठबंधन, जो अपने जिस मूल विचार पर चल रहा है, वह तमिलनाडु से लेकर पश्चिम बंगाल तक अत्यंत विद्रूप और विकृत स्वरूप में दिखाई पड़ रहा है।
