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जम्मू-कश्मीर में सड़क और सुरंग परियोजनाओं में 61,528 करोड़ रुपये का निवेश: सरकार

Date : 07-Feb-2026

 जम्मू, 07 फ़रवरी।

जम्मू कश्मीर सरकार ने शनिवार को कहा कि कनेक्टिविटी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है जिसके परिणामस्वरूप प्रमुख सड़क अवसंरचना परियोजनाओं का निर्माण और क्रियान्वयन पूरा हो चुका है। इन परियोजनाओं से केंद्र शासित प्रदेश में आवागमन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और यात्रा का समय काफी कम हो गया है।

सरकार ने कहा कि जम्मू और कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, रिंग रोड, सुरंगें और पुल या तो बन चुके हैं या निर्माणाधीन हैं। कुल 61,528 करोड़ रुपये के निवेश से एक एक्सप्रेसवे - दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे - के साथ-साथ जम्मू और श्रीनगर शहरों के लिए पांच राष्ट्रीय राजमार्ग और दो रिंग रोड का निर्माण कार्य चल रहा है।

सरकार ने कहा कि 11 सुरंगों का निर्माण कार्य प्रगति पर है जिनमें से तीन - चेनानी-नाशरी (9 किमी), काजीगुंड-बनिहाल (8.45 किमी) और सोनमर्ग सुरंग (6.5 किमी) - पहले ही पूरी हो चुकी हैं। 14.15 किमी लंबी जोजिला सुरंग और कई अन्य राष्ट्रीय राजमार्ग सुरंगों का निर्माण कार्य वर्तमान में चल रहा है। इसमें कहा गया है कि दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के पूरा होने से दिल्ली से जम्मू की यात्रा का समय घटकर लगभग छह घंटे और कटरा की यात्रा का समय लगभग सात घंटे हो जाएगा।

राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के चार लेन होने से श्रीनगर और जम्मू के बीच यात्रा का समय 7-12 घंटे से घटकर लगभग 4.5 घंटे हो गया है। सरकार ने यह भी कहा कि नरबल-शोपियां-सुरनकोट सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कर दिया गया है जिससे पीर पंजाल क्षेत्र में हर मौसम में बेहतर संपर्क स्थापित हो सकेगा।

इसमें यह भी बताया गया है कि 2025-26 के लिए 10,637 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 19 नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें पीर की गली सुरंग, साधना सुरंग, लाल चौक-परिमपोरा फ्लाईओवर और मागम फ्लाईओवर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं जिनका उद्देश्य भीड़भाड़ को कम करना और शहरी आवागमन को बेहतर बनाना है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत सरकार ने बताया कि मार्च 2025 तक 2,132 बस्तियों को जोड़ा जा चुका है और 19,518 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है, जिससे ग्रामीण संपर्क में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पीएमजीएसवाई के चौथे चरण के तहत 2,500 अन्य बस्तियों को जोड़ने की मंजूरी दी गई है।

इसमें कहा गया है कि पहले चरण के तहत भारत सरकार द्वारा 1,781 किलोमीटर की 316 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है जिनकी अनुमानित लागत 4,224.37 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं से 429 बस्तियों को जोड़ने की उम्मीद है जिससे केंद्र शासित प्रदेश हर गांव तक सड़क पहुंच प्रदान करने के लक्ष्य के करीब पहुंच रहा है। एनएबीएआरडी के ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष के माध्यम से ग्रामीण संपर्क को भी मजबूत किया गया है।

सरकार ने बताया कि 2019-20 से अब तक 5,271 करोड़ रुपये की लागत वाली 1,161 सड़क और पुल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है जबकि 2020-25 की अवधि के दौरान 2,387 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण पूरा किया गया है।


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