नवंबर में घूमने ले लिए छत्तीसगढ़ के 7 पर्यटन स्थल | The Voice TV

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नवंबर में घूमने ले लिए छत्तीसगढ़ के 7 पर्यटन स्थल

Date : 11-Nov-2023

1.मडकू द्वीप- बिलासपुर हाईवे पर बेतालपुर गांव छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से करीब 80 किलोमीटर दूर है. यहां से कुछ ही दूरी पर मडकू, मदकू या मनकू द्वीप है जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है जो शिवनाथ नदी से घिरा हुआ है। शिवनाथ नदी के प्रवाह से मदकू द्वीप दो भागों में बंट गया है। एक वर्ग लगभग 35 एकड़ का है और अलग-थलग पड़ गया है। दूसरा लगभग 50 एकड़ है, जहां 2011 की खुदाई के दौरान कलाकृतियों की खोज की गई थी। मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही धूमेश्वर महादेव मंदिर दाईं ओर है, उसके बाद श्री राम केवट मंदिर है, इनके अलावा यहाँ श्री राधा कृष्ण, श्री गणेश और श्री हनुमान को समर्पित ऐतिहासिक मंदिर भी हैं।

शोधकर्ताओं के अनुसार इस द्वीप का निर्माण प्रागैतिहासिक काल में हुआ। द्वीप पर कच्छप (कछुए) के आकार में लगभग आधा दर्जन मंदिर हैं। मडकू द्वीप एक पवित्र स्थल के रूप में प्रतिष्ठित है क्योंकि यहीं पर शिवनाथ नदी उत्तर पूर्व वाहिनी में बदल जाती है। रतनपुर के कलचुरी राजा दसवीं और ग्यारहवीं शताब्दी में यहां बलि और अन्य अनुष्ठान करते थे। पुरातत्वविदों और इतिहासकारों के अनुसार यह स्थल विष्णु पुराण में वर्णित मंडूक द्वीप है।

 

2.जंगल सफारी- रायपुर का जंगल सफारी एशिया में एकमात्र मानव निर्मित सफारी है, और सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि यह शहर के केंद्र में बसा है। यह छत्तीसगढ़ के सबसे प्रसिद्ध स्थलों में से एक है। यहाँ जाने के बाद आपको एक अलग अनुभव होगा यहाँ कई सारे जानवर खुले जंगल में विचरण करते हुए हुए नजर आयेंगे।

3.भोरमदेव मंदिर- भोरमदेव छत्तीसगढ़ के कबीरधाम ज़िले में कवर्धा से 18 कि.मी. दूर तथा रायपुर से 125 कि.मी. दूर चौरागाँव में एक हजार वर्ष पुराना मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। मंदिर कृत्रिमतापूर्वक पर्वत शृंखला के बीच स्थित है, यह लगभग 7 से 11 वीं शताब्दी तक की अवधि में बनाया गया था। यहाँ मंदिर में खजुराहो मंदिर की झलक दिखाई देती है, इसलिए इस मंदिर को “छत्तीसगढ़ का खजुराहो” भी कहा जाता है।

4.चिरमिरी- छत्तीसगढ़ राज्य के उत्तर में स्थित कोरिया जिले में हिल स्टेशन चिरमिरी स्थित है ।चिरमिरी काले हीरे की नगरी के नाम से प्रसिद्ध है । पर्वत श्रेणी के वनों से आच्छादित पहाड़ियों के सुरम्य वादियों के बीच चिरमिरी स्थित है। चिरमिरी में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं ।चिरमिरी में धार्मिक और नैसर्गिक सौंदर्य पर्यटन स्थलों से परिपूर्ण है ।समुद्र तल से चिरमिरी की सामान्य ऊंचाई 540 मीटर एवं अधिकतम ऊंचाई 890 मीटर है। चिरमिरी में औसत वर्षा 1600 मिली मीटर होती है
चिरमिरी सड़क और रेल द्वारा बिलासपुर, वाराणसी ,अंबिकापुर और कोरबा से जुड़ा है राष्ट्रीय राजमार्ग 43 जो कटनी से गुमला तक जाता है इसके ऊपरी हिस्से से (स्टेशन नागपुर रोड) से गुजरता है
रेल द्वारा चिरमिरी आते समय मनेंद्रगढ़ स्टेशन के पश्चात ही पहाड़ियों के बीच से ट्रेन की घुमावदार यात्रा एवं नैसर्गिक प्रकृति का दर्शन मन को भाने लगता है।मैनपाट – छत्तीसगढ़  का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट अपनी खूबसुरत वादियों, कई झरनों, नदीं- नालों और आश्चर्य से भर देने वाले पर्यटन स्थलों से भरपूर है |

5.कोटमसर गुफा-  कोटसर गुफा भारतीय राज्य छत्तीसगढ़ में जगदलपुर के पास स्थित है। कोटमसर गुफा पर्यावरणीय पर्यटनमें रुचि रखने वाले लोगों के लिए एक प्रमुख आकर्षण है। यह कोलेब नदी की एक सहायक नदी केगर नदी के किनारे स्थित केंजर चूना पत्थर बेल्ट पर गठित एक चूना पत्थर गुफा है। प्रवेश निर्देशांक 18052’0 9 “एन हैं 81056’05 “ई (डब्लूजीएस 84) और यह समुद्री स्तर से 560 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। 

6.चित्रकोट झरना- यह बस्तर संभाग का सबसे प्रमुख जलप्रपात माना जाता है। जगदलपुर से समीप होने के कारण यह एक प्रमुख पिकनिक स्पाट के रूप में भी प्रसिद्धि प्राप्त कर चुका है। अपने घोडे की नाल समान मुख के कारण इस जाल प्रपात को भारत का निआग्रा भी कहा जाता है। चित्रकूट जलप्रपात बहुत ख़ूबसूरत हैं और पर्यटकों को बहुत पसंद आता है। सधन वृक्षों एवं विंध्य पर्वतमालाओं के मध्य स्थित इस जल प्रपात से गिरने वाली विशाल जलराशि पर्यटकों का मन मोह लेती है।

 

 


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