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नाग देवता के मंदिर बनने के बाद नहीं दिखते सांप

Date : 22-Aug-2023

  बुन्देलखंड क्षेत्र के हमीरपुर जिले में एक गांव में सांपों से छुटकारा पाने के लिए नाग देवता का मंदिर बनवाया गया जहां हर साल नागपंचमी को काल सर्प योग और अन्य गृहों के दोष से निजात पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग अनुष्ठान करते है। आज नाग देवता के मंदिर में सुबह से दूध अर्पित करने का सिलसिला शुरू हो गया है जो देर शाम तक चलेगा। यह मंदिर भी सैकड़ों साल पुराना है जो जमीन से करीब बीस फीट की ऊंचाई में बना है। मंदिर बनने के बाद आसपास सर्पदंश से किसी की मौत नहीं होती है।



हमीरपुर जिले के मुस्करा क्षेत्र के अलरा गौरा गांव में मिट्टी के ऊंचे पहडिय़ां पर एक नाग देवता का मंदिर स्थित है। इस मंदिर का इतिहास भी सैकड़ों साल पुराना है। यहां वैसे तो हर रोज गांव के लोग नाग देवता की प्रतिमा की पूजा करने आते है लेकिन नागपंचमी के दिन मंदिर में श्रद्धालुओं का मेला लगता है। हमीरपुर और आसपास के तमाम इलाकों के लोग भी नागपंचमी पर्व पर बोतल में दूध लेकर मंदिर पहुंचते है। मान्यता है कि दूध से नाग देवता की प्रतिमा का अभिषेक करने से कुंडली में काल सर्पयोग और अन्य गृहों के दोष समाप्त हो जाते है।



गांव के जगदीश ने बताया कि इस मंदिर का कब निर्माण कराया गया ये किसी कोई नहीं जानता लेकिन यह सच है कि इसका इतिहास सैकड़ों साल पुराना है। बताया कि नाग देवता का यह मंदिर धरातल से काफी ऊंचाई में मिट्टी के पहडिय़ां में बना है जहां नाग देवता की भव्य प्रतिमा स्थापित है। आज नागपंचमी को सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग पूजा अर्चना करने आ रहे है। मंदिर की देखरेख और अन्य व्यवस्थाओं के लिए पूरे गांव के लोग लगे है। पड़ोसी महोबा, उरई और एमपी के कई इलाके से भी लोग यहां नाग देवता की पूजा करने आए है। मंदिर के पास ही मेला लगाया गया है।



पूजा करने से काल सर्प योग दोष से मिलती है निजात

क्षेत्र के बुजुर्ग बलराम दादी ने बताया कि अलरा गौरा गांव में बना नाग देवता का मंदिर बड़ी ही पुराना है। यहां नागपंचमी के दिन बड़ा मेला लगता है। लोग श्रद्धा भाव से नाग देवता की प्रतिमा पर दूध अर्पित करते है। पंडित दिनेश दुबे ने बताया कि नागपंचमी पर्व पर नाग देवता के मंदिर में माथा टेकना चाहिए। नाग देवता की प्रतिमा की विधि विधान से आज के दिन पूजा करने से सपने में सांप नहीं दिखते है। उन्होंने बताया कि काल सर्प योग दोष व अन्य दोषों का भी निवारण होता है।



मंदिर के आसपास किसी को भी अब नहीं दिखते सांप

वयोवृद्ध जगदीश, बलराम दादी व समाजसेवी अजय गुप्ता ने बताया कि नाग देवता का मंदिर काफी खस्ताहाल हो गया था जिसे गांव के लोगों की मदद से इसे चमकाया गया है। बताया कि नाग देवता के मंदिर के आसपास किसी को भी कभी सांप नहीं दिखे। यह नाग देवता के मंदिर का ही प्रभाव है। इतना ही नहीं सर्पदंश के मामले भी सामने नहीं आए है। उन्होंने बताया कि नागपंचमी को यहां दिन भर अनुष्ठान होंगे फिर रात में अन्य तमाम धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।


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