गांधीनगर, 06 फ़रवरी । गुजरात के कच्छ के बन्नी क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध ‘छारी-ढंढ‘ को आधिकारिक रूप से अंतरराष्ट्रीय महत्व के वेटलैंड के रूप में ‘रामसर साइट’ का दर्जा प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने शुक्रवार को गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को वन विभाग की ओर से यह प्रमाण पत्र भेंट किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पटेल ने गुजरात के लिए इसे गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए मंत्री और वन विभाग की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य की जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली यह मान्यता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उल्लेखनीय है कि ‘छारी-ढंढ’ गुजरात का पांचवां और कच्छ जिले का पहला वेटलैंड है, जिसे रामसर साइट के रूप में मान्यता मिली है। कच्छ स्थित छारी-ढंढ पक्षी अभयारण्य को हाल ही में अंतरराष्ट्रीय महत्व वाले रामसर वेटलैंड्स की सूची में शामिल किया गया है, जिससे राज्य में रामसर साइट्स की संख्या बढ़कर पांच हो गई है।
