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डोडा में तेज अभियानों के बीच वांछित आतंकवादियों के पोस्टर आए सामने

Date : 14-Feb-2026

 डोडा, 14 फ़रवरी। आतंकवाद विरोधी अभियान को तेज करते हुए डोडा जिले की पुलिस ने कई रणनीतिक स्थानों पर पोस्टर लगाए हैं जिनमें प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर सैफुल्लाह सहित सक्रिय आतंकवादियों के बारे में जानकारी मांगी गई है।

अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि हाल ही में हुई मुठभेड़ों और क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया जानकारी मिलने के बाद जम्मू क्षेत्र के उच्च ऊंचाई वाले इलाकों में सुरक्षा अभियान तेज कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि ये पोस्टर प्रमुख चौकियों और सार्वजनिक स्थानों पर देखे गए जिनमें नगरी, देसा, डोडा प्रवेश द्वार पर स्थित गणपत पुल और थाथरी शामिल हैं।



उन्होंने आगे कहा कि अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने के लिए अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी ऐसे नोटिस लगाए जा रहे हैं। इस बीच सुरक्षा बलों ने शनिवार सुबह डोडा के गंडोह क्षेत्र के चिली जंगल में एक आतंकवादी ठिकाने का भंडाफोड़ किया जिससे खाने-पीने की सामग्री और कंबल बरामद हुए।

उन्होंने बताया कि पोस्टर अभियान चेनाब घाटी जिसमें डोडा और पड़ोसी किश्तवाड जिले शामिल हैं, में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को खत्म करने के लिए चलाए जा रहे गहन प्रयासों का हिस्सा है। हाल के वर्षों में इन इलाकों में कई मुठभेड़ें हुई हैं जब आतंकवादियों ने जम्मू क्षेत्र के उन हिस्सों में अपनी गतिविधियां फिर से शुरू करने की कोशिश की जिन्हें काफी हद तक आतंकवाद से मुक्त कर दिया गया था।

पिछले एक महीने से डोडा, किश्तवाड, कठुआ, उधमपुर, राजौरी और पुंछ जिलों के ऊपरी इलाकों में एक बड़ा तलाशी अभियान चल रहा है जिसके परिणामस्वरूप लगभग एक दर्जन मुठभेड़ें हुईं - जिनमें से अधिकांश किश्तवाड, उधमपुर और कठुआ में हुईं - और इनमें जैश-ए-मोहम्मद के चार पाकिस्तानी आतंकवादी और एक सेना का जवान बलिदान हो गया।

4 फरवरी को उधमपुर के रामनगर वन क्षेत्र में मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए और किश्तवाड के चतरू क्षेत्र में एक आतंकवादी मारा गया, वहीं 23 जनवरी को कठुआ के परहेतर में एक आतंकवादी को मार गिराया गया। 18 जनवरी को चतरू में हुई मुठभेड़ में सेना का एक पैराट्रूपर भी बलिदान हो गया। अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय लोगों द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद विशेष रूप से डोडा के थाथरी और गंडोह क्षेत्रों में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। माना जा रहा है कि ये व्यक्ति आतंकवादी हैं जो किश्तवाड में हाल ही में चलाए गए घेराबंदी और तलाशी अभियान से बचकर आसपास के वन क्षेत्रों की ओर चले गए हैं।


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