15 मई । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की आधिकारिक यात्रा पर रवाना होंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और यूएई के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है।
प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों, ऊर्जा सहयोग, व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने पर विस्तार से चर्चा करेंगे। इस यात्रा के दौरान ऊर्जा सुरक्षा एक अहम मुद्दा रहेगा।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और वहां 45 लाख से अधिक भारतीय निवासी हैं। प्रधानमंत्री मोदी इन भारतीयों के हितों और सुविधाओं पर भी चर्चा करेंगे।
छह दिवसीय विदेश यात्रा
विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया पीएम मोदी छह दिनों की इस महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। इस दौरान वे यूएई के अलावा नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली भी जाएंगे। यूएई के बाद उनकी यात्रा के कार्यक्रम इस प्रकार हैं:
– नीदरलैंड: किंग विलेम-अलेक्जेंडर और प्रधानमंत्री रॉब जेटन से मुलाकात। यह 2017 के बाद उनकी नीदरलैंड की दूसरी यात्रा होगी।
– स्वीडन: गोथेनबर्ग में स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन से द्विपक्षीय वार्ता। दोनों नेता ‘यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री’ को संबोधित करेंगे, जिसमें यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी शामिल होंगी।
– नॉर्वे: तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भागीदारी और द्विपक्षीय बैठकें।
– इटली: राष्ट्रपति सर्जियो मैटरेला और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात।
यह यात्रा ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार वृद्धि, रणनीतिक साझेदारी और यूरोपीय देशों के साथ संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
