मैहर, 19 मई । मध्यप्रदेश के धार्मिक नगरी मैहर में संचालित दामोदर रोपवे एक बार फिर चर्चाओं के केंद्र में आ गया है। जिला प्रशासन द्वारा रोपवे से जुड़े मामलों की जांच शुरू किए जाने के बाद स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग तेज हो गई है। शहर के बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाती है, तो रोपवे संचालन और निर्माण से जुड़े कई पुराने मामलों की परतें खुल सकती हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रोपवे संचालन के दौरान वर्षों से अनियमितताओं और व्यवस्थागत खामियों की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन इन मामलों में कभी ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। उनका कहना है कि शुरुआती दौर में प्रशासनिक सख्ती दिखाई देती है, लेकिन समय बीतने के साथ मामले ठंडे बस्ते में चले जाते हैं।
रोपवे कंपनी के नाम परिवर्तन को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का दावा है कि पहले “दामोदर रोपवे एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी” के नाम से संचालित संस्था का बाद में नाम बदलकर “दामोदर रोपवे एंड इंफ्रा लिमिटेड” कर दिया गया। आरोप है कि इस बदलाव के बाद पुराने वित्तीय दायित्वों और अनुबंधों को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आई थीं। हालांकि इन आरोपों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि जिला प्रशासन रोपवे से जुड़े सभी दस्तावेज, अनुबंध, वित्तीय लेन-देन और संचालन प्रक्रियाओं की निष्पक्ष जांच कराए। साथ ही यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार पक्षों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
लोगों का कहना है कि मां शारदा की नगरी मैहर देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में यहां की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों का भरोसा बना रहे।
