भोपाल, 19 मई । मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए टैक्स में कटौती की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। मंगलवार से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 90 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई है।
कमलनाथ ने मंगलवार काे जारी बयान में कहा कि सरकार अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का हवाला देकर कीमत वृद्धि को सही ठहराने की कोशिश कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल महंगा होने की सबसे बड़ी वजह राज्य सरकार द्वारा लगाया गया भारी टैक्स है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में उत्तर प्रदेश की तुलना में पेट्रोल औसतन 13 रुपए और डीजल करीब 4 रुपए प्रति लीटर महंगा बिक रहा है। इसके पीछे राज्य सरकार की टैक्स नीति जिम्मेदार है।
कमलनाथ के अनुसार, प्रदेश सरकार पेट्रोल पर 29 प्रतिशत वैट, 2.5 रुपए अतिरिक्त कर और 1 प्रतिशत सेस वसूल रही है, जबकि डीजल पर 19 प्रतिशत वैट, 1.5 रुपए अतिरिक्त कर और 1 प्रतिशत सेस लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता पेट्रोल पर 30 रुपए से अधिक और डीजल पर 20 रुपए से ज्यादा टैक्स चुका रही है।
उन्होंने कहा कि टैक्स के बोझ के कारण भोपाल में पेट्रोल की कीमत 110.75 रुपए और डीजल 95.91 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है। इंदौर और जबलपुर में पेट्रोल 110.79 रुपए, ग्वालियर में 110.69 रुपए और उज्जैन में 111.27 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं डीजल की कीमत उज्जैन में 96.40 रुपए, इंदौर में 95.97 रुपए, जबलपुर में 95.98 रुपए और ग्वालियर में 95.86 रुपए प्रति लीटर हो गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की कि राज्य सरकार तत्काल पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले टैक्स में कटौती कर जनता को कम से कम 10 रुपए प्रति लीटर की राहत दे। उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों को राहत मिलेगी और सरकार को भी राजस्व का नुकसान नहीं होगा। कमलनाथ ने यह भी कहा कि डीजल महंगा होने के कारण ट्रक और भारी वाहन चालक पड़ोसी राज्यों से ईंधन भरवाना अधिक लाभदायक समझ रहे हैं। सीमावर्ती जिलों के लोग भी दूसरे राज्यों से पेट्रोल-डीजल खरीद रहे हैं, जिससे मध्य प्रदेश को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
