जयपुर, 19 मई । अग्रवाल समाज की ऐतिहासिक धरोहर अग्रसेन कटला को लेकर समाज में चर्चा तेज हो गई है। वहीं समाज के कई पदाधिकारियों और समाज बंधुओं ने ट्रस्ट संचालन में पारदर्शिता, वित्तीय मामलों का सार्वजनिक लेखा-जोखा और चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखने की मांग उठाई।
मंगलवार को मीडिया से रूबरू होते हुए जितेंद्र अग्रवाल, पवन राणा, सोम गोयल, मदन मोहन मित्तल, नृसिंह गुप्ता और इंद्र मोहन अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 1964 में स्थापित श्री अग्रवाल शिक्षा समिति ट्रस्ट के स्थान पर नए ट्रस्ट गठन की प्रक्रिया को लेकर समाज में असमंजस बना हुआ है। उन्होंने समाज के वरिष्ठ दानदाताओं और पुराने परिवारों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
समाज बंधुओं ने कहा कि समाज की संपत्तियों और निर्माण कार्यों से जुड़े वित्तीय मामलों का विस्तृत लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाना चाहिए। साथ ही ट्रस्ट और समिति से जुड़े चुनावी एवं प्रशासनिक मामलों में पारदर्शिता बनाए रखने की मांग भी की गई।
वहीं समाज के वरिष्ठ सदस्य मोहन मित्तल ने समाज बंधुओं से आपसी मतभेद भुलाकर नई शुरुआत करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि करीब दो वर्ष पूर्व हुए समाज के चुनाव वर्तमान में न्यायालय में लंबित हैं, जिससे समाज में असमंजस का माहौल बना हुआ है।
मदन मोहन मित्तल ने समाज के सभी पदाधिकारियों, चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों और समाज बंधुओं से आग्रह किया कि पुराने विवादों को पीछे छोड़कर समाज हित में एकजुट होकर कार्य किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि पूर्व पदाधिकारियों को सम्मान पूर्वक विदाई देकर सर्वसम्मति और सौहार्द के साथ नई कार्यकारिणी का गठन किया जाए तथा नए चुनाव कराकर समाज में नई ऊर्जा और जागरूकता का संचार किया जाए।
उन्होंने कहा कि अग्रसेन कटला केवल एक भवन नहीं, बल्कि अग्रवाल समाज की ऐतिहासिक और सामाजिक धरोहर है। इसकी गरिमा, एकता और सामाजिक समरसता बनाए रखना समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।
